जबलपुर लोकायुक्त ने बरगी के ग्राम तिनसी में जमीन का पट्टा दिलाने के एवज में ₹19000 की रिश्वत लेते सहायक सचिव को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दिलीप साहू, जो ग्राम तिनसी में सहायक सचिव के पद पर पदस्थ था, लंबे समय से एक ग्रामीण महिला से जमीन का पट्टा बनवाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। फरियादी महिला की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह इतनी बड़ी रकम रिश्वत के रूप में दे स के, लेकिन सहायक सचिव अपनी मांग पर अड़ा रहा।
दरअसल, बरगी तहसील के ग्राम तिनसी निवासी राजकुमारी परस्ते पति शिवदीन परस्ते (उम्र 36 वर्ष) को मकान बनाने के लिए जमीन की आवश्यकता थी। उन्होंने अपनी इस जरूरत को पूरा करने के लिए पंचायत में जमीन का पट्टा दिए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। राजकुमारी परस्ते के इस आवेदन पर आरोपी दिलीप कुमार साहू ने उनसे सीधे तौर पर रुपयों की मांग शुरू कर दी। साहू ने आवेदिका से कहा कि सीधे पट्टा नहीं मिलेगा, बल्कि पहले उसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी होगी और इस NOC को बनवाने के लिए उसे ₹20000 देने होंगे। उसने यह भी स्पष्ट कर दिया कि बिना पैसों के उसका काम नहीं हो पाएगा।
20 हजार से घटाकर 19 हजार रुपये में बनी बात
सहायक सचिव दिलीप कुमार साहू द्वारा लगातार की जा रही रिश्वत की मांग से परेशान होकर फरियादी राजकुमारी परस्ते ने अंततः लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक, जबलपुर से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त संगठन ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी दिलीप साहू वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहा था। बातचीत के दौरान, आरोपी ने अपनी शुरुआती मांग ₹20000 से ₹1000 कम करते हुए आवेदिका से ₹19000 की रिश्वत लेने पर सहमति व्यक्त की।
लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को किया गिरफ्तार
योजना के अनुसार, आज दिनांक 27 जुलाई 2026 को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी दिलीप कुमार साहू, जो ग्राम रोजगार सहायक के रूप में भी कार्यरत था, ने ग्राम पंचायत भवन, तिनसी, जिला जबलपुर में आवेदिका राजकुमारी परस्ते से ₹19000 की रिश्वत राशि स्वीकार की, लोकायुक्त पुलिस ने उसे मौके पर ही रंगेहाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई से पंचायत कार्यालय में हड़कंप मच गया और भ्रष्टाचारियों में एक बार फिर डर का माहौल पैदा हो गया।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी दिलीप कुमार साहू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा 7, 13(1)B और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त पुलिस टीम में उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति (टी.एल.ओ.), निरीक्षक राहुल गजभिये सहित लोकायुक्त संगठन के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
लोकायुक्त संगठन जबलपुर द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। संगठन ने आमजन से पुनः अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी वैध कार्य के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो बिना किसी डर के लोकायुक्त कार्यालय से संपर्क करें या दिए गए दूरभाष नंबरों पर सूचना दें। भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।






