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महाकाल मंदिर की सुरक्षा में बड़ा बदलाव, अब होमगार्ड जवान संभालेंगे जिम्मा, 488 पदों पर भर्ती जल्द

Written by:Bhawna Choubey
Published:
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल लोक की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी, राज्य सरकार ने चार विशेष होमगार्ड कंपनियों के गठन को दी मंजूरी।
महाकाल मंदिर की सुरक्षा में बड़ा बदलाव, अब होमगार्ड जवान संभालेंगे जिम्मा, 488 पदों पर भर्ती जल्द

उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। महाकाल लोक कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि अब महाकाल मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा होमगार्ड के विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान संभालेंगे। इसके तहत 488 होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी, जो केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक क्षेत्र में ही अपनी सेवाएं देंगे।

महाकाल मंदिर के लिए बनेगी होमगार्ड की चार विशेष कंपनियां

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने श्री महाकालेश्वर मंदिर के लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन को मंजूरी दे दी है। यह पहली बार होगा जब किसी धार्मिक स्थल के लिए अलग से विशेष होमगार्ड कैडर बनाया जा रहा है। होमगार्ड मुख्यालय भोपाल ने इस संबंध में गृह विभाग को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया है, जिसे जल्द ही अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।

कर्मचारी चयन मंडल के जरिए होगी भर्ती प्रक्रिया

इन 488 होमगार्ड जवानों की भर्ती राज्य स्तर पर कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से की जाएगी। गृह विभाग जल्द ही ESB को भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा और चयन प्रक्रिया शुरू होगी। इस कैडर में चयनित होमगार्ड जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं किया जाएगा। ये जवान अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल महाकाल मंदिर, महाकाल लोक और उससे जुड़े क्षेत्रों में ही तैनात रहेंगे।

प्राइवेट एजेंसियों की जगह अब सरकारी सुरक्षा बल

फिलहाल महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। हालांकि बढ़ती भीड़ और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने यह जिम्मेदारी अब सरकारी बल को सौंपने का निर्णय लिया है। होमगार्ड जवानों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था अधिक भरोसेमंद और जवाबदेह होगी। साथ ही, सरकारी निगरानी में काम होने से पारदर्शिता भी बनी रहेगी। यह फैसला न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है, बल्कि मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं को भी मजबूत करेगा।