अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर खींचतान बढ़ गई है। दरअसल निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ने बड़ा दावा किया है कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव अब प्रयागराज कुंभ 2031 के बाद ही होंगे। वहीं उज्जैन में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी की अध्यक्ष पद की दावेदारी पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ लोग कुंभ की पवित्रता को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज उज्जैन में नगर पूजा के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कन्या भोज के बाद शुक्रवार शाम को मीडिया से खुलकर बातचीत की। जिसमें उन्होंने बताया कि नगर पूजा में शामिल होते हुए उन्होंने माता से प्रार्थना की है कि आगामी कुंभ आयोजनों में किसी तरह की बाधा न आए। उनके इस बयान को अखाड़ा परिषद के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और अध्यक्ष पद को लेकर जारी गुटबाजी के संदर्भ में देखा जा रहा है।
जानिए निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ने क्या कहा?
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ने महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी पर तीखा हमला बोला। दरअसल उन्होंने कहा कि दो अध्यक्षों की बात पूछने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रयागराज कुंभ जैसे बड़े और ऐतिहासिक आयोजन से ही लोग उन्हें जानते हैं और पहचानते हैं। उनका यह बयान सीधे तौर पर महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी की दावेदारी की वैधता पर सवाल उठाता है, जो अखाड़ा परिषद में नेतृत्व के संकट को दिखाता है।
वहीं पुरी महाराज ने महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी की अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि नासिक कुंभ में केवल ‘भंडारे के नाम पर’ ही अध्यक्ष बन गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके अपने संत भी उस समय नासिक में मौजूद थे और उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को देखा था। उनकी इस टिप्पणी का मतलब साफ है कि निरंजनी अखाड़ा, नासिक में हुई इस कथित ‘चुनाव’ प्रक्रिया को वैध नहीं मानता है, और इसे केवल एक खानापूर्ति या दिखावा बताया है।
जब किसी व्यक्ति को कोई पद नहीं मिल पाता है, तो …: रविंद्र पुरी
दरअसल निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी ने यह भी कहा कि जब किसी व्यक्ति को कोई पद नहीं मिल पाता है, तो उसकी मानसिकता कमजोर हो जाती है। यह बयान महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी की अध्यक्ष पद को लेकर चल रही कोशिशों और उनके लगातार दावे पर एक सीधा व्यक्तिगत हमला माना जा रहा है। वहीं पुरी महाराज के अनुसार जो व्यक्ति पद के लिए लालायित है और उसे वह नहीं मिल पाता, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती, जिससे उसकी कार्यशैली पर भी असर पड़ सकता है।
दरअसल कुंभ को खराब करने की साजिश के गंभीर आरोप पर निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ने कोई विशिष्ट नाम नहीं लिया है, लेकिन उनके लहजे में साफ तौर पर नाराजगी दिख रही थी। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे तत्व हैं जो जानबूझकर कुंभ जैसे आस्था के महापर्व की गरिमा और शांति को भंग करना चाहते हैं। पुरी महाराज ने चेतावनी दी कि निरंजनी अखाड़ा और सभी सम्मानित संत ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगे, और वे कुंभ की पवित्रता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।






