साध्वी हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने एक वीडियो जारी कर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती समेत कई संतों पर तीखे सवाल उठाए हैं। दरअसल हर्षानंद गिरि ने आरोप लगाया कि जिन संतों ने पहले उनके मंच संचालन और एंकरिंग को लेकर उन्हें निशाना बनाया वही संत अब अंजलि अरोड़ा के माता सीता का किरदार निभाने पर चुप हैं। उन्होंने इस चुप्पी को लेकर संतों से जवाब मांगा है।

दरअसल साध्वी हर्षानंद गिरि ने वीडियो में शंकराचार्य और कुछ अन्य संतों के लिए ‘तथाकथित संत’, ‘समाज का ठेकेदार’ और ‘दोगला’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। वीडियो में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, महाराज अलीनानंद, निरंजनी अखाड़ा पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप, महामंडलेश्वर मां योग योगेश्वरी और आचार्य तन्मय वेद के दातार की तस्वीरें भी दिखाई गईं। साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ निजी लड़ाई शुरू नहीं की है लेकिन लगातार निशाना बनाए जाने के बाद सवाल पूछना उनका अधिकार है।

अब अंजलि अरोड़ा को लेकर चुप क्यों संत समाज?: हर्षानंद गिरि

वहीं वीडियो में साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि कुछ संतों ने उनके मंच संचालन और एंकरिंग को लेकर सवाल उठाए थे। उन्हें सनातन धर्म को बदनाम करने वाला तक बताया गया और ‘नचनिया’ तथा ‘पाखंडी’ जैसे शब्द भी कहे गए। साध्वी हर्षानंद गिरि का कहना है कि अगर उस समय उनके मंच पर काम करने को लेकर इतनी आपत्ति थी तो अब अंजलि अरोड़ा के माता सीता का किरदार निभाने को लेकर वही सवाल क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने इसी तुलना को आधार बनाकर संतों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए।

साध्वी हर्षा ने किया सवाल

दरअसल साध्वी हर्षा ने अंजलि अरोड़ा के पुराने डांस वीडियो और सार्वजनिक कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि संतों की आपत्ति आखिर उनके मंच संचालन को लेकर थी या किसी दूसरी वजह से। उन्होंने कहा कि शायद कुछ संत खुद लाइमलाइट में रहना चाहते थे और इसलिए उन्हें मंच पर काम करने से परेशानी थी। हालांकि यह हर्षा की ओर से कही गई बात है और उन्होंने इसे सवाल के तौर पर वीडियो में रखा है। हर्षा ने आगे कहा कि जिन लोगों ने उन्हें लगातार अपमानित किया उनसे सवाल पूछना उनका अधिकार है। उन्होंने पूछा कि अगर उनके लिए मंच पर काम करना और एंकरिंग करना गलत था, तो फिर अंजलि अरोड़ा की भूमिका को लेकर वैसी ही आपत्ति क्यों नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि वह यह जानना चाहती हैं कि यह कथित दोहरा रवैया उनके साथ ही क्यों अपनाया गया। हर्षा ने कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ व्यक्तिगत लड़ाई शुरू नहीं की, लेकिन लगातार निशाना बनाए जाने के बाद जवाब मांगना जरूरी है।