कांवड़ यात्रा को लेकर साध्वी हर्षा रिछारिया एक बार फिर चर्चा में हैं। विधायक गोलू शुक्ला की बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा में शामिल होने के कुछ दिन बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कांवड़ यात्रा में बढ़ती नशे और अश्लील डांस जैसी गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं। हर्षा ने कहा कि धार्मिक यात्रा का मकसद आस्था होना चाहिए, मनोरंजन या नशा नहीं।
हर्षा रिछारिया ने अपने वीडियो में खास तौर पर हरिद्वार से निकलने वाली कांवड़ यात्राओं का जिक्र किया। उनका कहना है कि समय के साथ यात्रा का स्वरूप बदलता जा रहा है। उनके मुताबिक पहले कांवड़ यात्रा में भक्ति, श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति समर्पण को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता था, लेकिन अब कुछ जगहों पर बड़े डीजे, झांकियों, नशे और डांस का चलन बढ़ता दिखाई देता है। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में सख्ती करने की मांग की है।
नशे और डीजे को लेकर साध्वी हर्षा ने उठाए सवाल
साध्वी हर्षा रिछारिया ने कहा कि कांवड़ यात्रा में शराब और गांजे का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि नशे की हालत में यात्रा करने वाले लोगों को कांवड़िए कहना ही ठीक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बड़े-बड़े डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए। हर्षा ने अपने वीडियो में कहा कि धार्मिक झांकियों के साथ डांस करने वाले कलाकारों को बुलाने का चलन भी बढ़ रहा है। उन्होंने खास तौर पर शिव और पार्वती का रूप धारण कर किए जाने वाले डांस का जिक्र किया और आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर ये प्रदर्शन आपत्तिजनक स्तर तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने सरकार और धार्मिक संगठनों से इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील की।
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उनका कहना है कि अगर अभी ऐसे मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में यह चलन और बढ़ सकता है। हर्षा ने शांतिपूर्ण तरीके से आस्था के साथ कांवड़ लेकर चलने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा महत्व देने की बात कही। हालांकि, उनके वीडियो में किए गए दावे उनके व्यक्तिगत विचार हैं और किसी खास घटना या व्यक्ति के खिलाफ कोई अलग कानूनी आरोप नहीं लगाया गया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
हर्षा रिछारिया के बयान के बाद उनके कुछ दिन पहले के कांवड़ यात्रा में शामिल होने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। वह विधायक गोलू शुक्ला की बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा के साथ महेश्वर से उज्जैन पहुंची थीं। यह यात्रा 3 अगस्त को शुरू हुई थी और 9 अगस्त को उज्जैन पहुंची थी। यात्रा के उज्जैन पहुंचने पर इसका भव्य स्वागत भी किया गया था। खास बात यह है कि जिस यात्रा का हिस्सा हर्षा बनी थीं, उसमें भी डीजे और अलग-अलग रूप धारण किए कलाकारों के साथ चलते हुए वीडियो सामने आए थे। हालांकि, अब जो वीडियो उन्होंने जारी किया है, उसमें उनका मुख्य फोकस हरिद्वार की कांवड़ यात्राओं में होने वाली गतिविधियों पर है। उन्होंने अपनी यात्रा में दिखी ऐसी गतिविधियों पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की है।
इससे पहले हर्षा ने इसी यात्रा की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्हें युवाओं में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और एक-दूसरे की मदद करने का भाव दिखाई दिया। अब उनके नए बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने और नए बयानों की तुलना की जा रही है। यानी कुछ ही दिनों में कांवड़ यात्रा को लेकर उनका नजरिया चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।






