उज्जैन में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपित को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित कुल पांच आरोपितों को दबोच लिया है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपितों की तलाश जारी है। यह खूनी संघर्ष पुरानी रंजिश के चलते दो गुटों के बीच हुआ था, जिसमें भाजपा नेता के दो भतीजों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और स्वयं भाजपा नेता व उनका बेटा भी घायल हुए थे।
क्या है पूरा मामला?
मामला शनिवार देर रात नीलगंगा चौराहे के पास का है, जहां पासी गुट और गोरकर परिवार के सदस्य पुराने विवाद को लेकर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते यह झगड़ा हिंसक रूप ले लिया। पासी गुट के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने गोरकर परिवार पर अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ और फिर गोलियों की आवाज से पूरा क्षेत्र दहल उठा, जिससे इलाके में सनसनी और दहशत फैल गई। इस बर्बर हमले में गोरकर परिवार के दो युवकों को गोली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान 32 वर्षीय लोकेश पिता प्रदीप राव गोरकर और जितेश पिता प्रदीप राव गोरकर निवासी नीलगंगा के रूप में हुई है, जो भाजपा नेता दिलीप राव गोरकर उर्फ दिल्लू पहलवान के भतीजे थे। इस घटना में दिल्लू पहलवान और उनके 32 वर्षीय पुत्र तपन गोरकर भी गोली और पत्थर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आठ लोगों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया और आरोपितों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। इन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जिनमें एक महिला आरोपित भी शामिल है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपित नरेश को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल
पुलिस ने जानकारी दी कि जब गिरफ्तार आरोपित नरेश को अन्य आरोपितों की निशानदेही के लिए ले जाया जा रहा था, तब उसने मौका पाकर सब इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, जिससे नरेश के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। घायल आरोपित नरेश का उपचार जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने जिन आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें नरेश, राकेश, बंटी, लोकेश और मंजू की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, रोशन, सन्नी और दुर्गेश नामक तीन आरोपित अभी भी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लेने का दावा कर रही हैं।
पुरानी रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि नीलगंगा क्षेत्र में गोरकर और पासी गुट के बीच लंबे समय से गहरी रंजिश चली आ रही है। बताया जाता है कि पूर्व में किसी विवाद में एक पक्ष के लोगों को सजा भी हो चुकी थी, जिसके बाद से ही दोनों गुटों के बीच दुश्मनी और बढ़ गई थी। करीब दो महीने पहले भी दोनों गुटों के युवकों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। यही पुराना विवाद शनिवार देर रात एक बड़े खूनी संघर्ष में बदल गया और दो बेकसूर जिंदगियां लील गया।
पुलिस ने दी विवाद की जानकारी
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि देर रात करीब 12 बजे दो पक्षों में विवाद हुआ था, जिसमें गोरकर परिवार के दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्होंने पुष्टि की कि हमला पासी परिवार के लोगों ने किया था। एसपी ने बताया कि मामले में आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है और पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि सबसे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपित की निशानदेही पर जब पुलिस अन्य आरोपितों को पकड़ने जा रही थी, तब उस आरोपित ने सब इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। एसपी ने जोर देकर कहा कि यह पुरानी रंजिश का मामला है और दो माह पहले भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपितों पर पूर्व में दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जो उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है।





