उज्जैन शहर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन किया गया, जिसने खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इंदौर रोड स्थित कान्हा परिसर में दो दिनों तक चले इस आयोजन में देशभर के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी बौद्धिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
यह टूर्नामेंट सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि यह उज्जैन के लिए एक बड़ी उपलब्धि भी बन गया। इस आयोजन ने शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है।
रोमांचक मुकाबलों के बीच अरुण कटारिया बने विजेता
दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में मुकाबले काफी रोमांचक रहे। अंतिम दिन छठे राउंड से शुरू हुए खेल में लगातार उलटफेर देखने को मिला और खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर रही।
आखिरकार उदयपुर के फिडे मास्टर अरुण कटारिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8.5 अंक हासिल किए और टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। उनकी रणनीति और चालों ने सभी को प्रभावित किया। वहीं नागपुर के जय सवालखे ने 8 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर भोपाल के मितांश दीक्षित और चौथे स्थान पर खंडवा के वैभव तोमर रहे।
टॉप खिलाड़ियों की सूची ने बढ़ाया मुकाबले का स्तर
इस टूर्नामेंट में टॉप-10 खिलाड़ियों की सूची भी काफी प्रभावशाली रही। बिहार के मोकित कुमार सोनी, इंदौर के अजय विवानी, भोपाल के अश्विन डेनियल, कटनी के प्रखर बजाज, ग्वालियर के रूपेश कांत और रतलाम के मृदुहास त्रिपाठी जैसे खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें रेटेड और अनरेटेड दोनों तरह के खिलाड़ियों ने भाग लिया। कई नए खिलाड़ियों ने भी अनुभवी खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देकर सभी को चौंका दिया।
5 साल से 80 साल तक के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
इस टूर्नामेंट में उम्र कोई बाधा नहीं बनी। 5 साल के बच्चों से लेकर 80 साल तक के खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया। यह नजारा अपने आप में खास था, जहां हर उम्र के खिलाड़ी एक ही मंच पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे थे।
कुल 129 रेटेड खिलाड़ियों के साथ कई अनरेटेड खिलाड़ियों ने भी मुकाबला किया। इससे यह साफ होता है कि शतरंज जैसे खेल में अनुभव के साथ-साथ प्रतिभा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
50 से ज्यादा खिलाड़ियों को मिला सम्मान
प्रतियोगिता के समापन समारोह में विजेताओं को नकद पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। पहले स्थान पर रहे खिलाड़ी को 31 हजार रुपये, दूसरे को 25 हजार और तीसरे को 20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
इसके अलावा विभिन्न आयु वर्ग और विशेष श्रेणियों में 50 से अधिक खिलाड़ियों को कुल लगभग 2 लाख रुपये के पुरस्कार वितरित किए गए। इससे खिलाड़ियों का उत्साह और भी बढ़ा।
आयोजन की सफलता में कई संस्थाओं का योगदान
इस अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन अखिल भारतीय शतरंज महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और एमपी चैस एडहॉक कमेटी के सहयोग से किया गया। पूरे आयोजन को सफल बनाने में आयोजकों और निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अनुभवी आर्बिटर टीम ने प्रतियोगिता का संचालन किया, जिसमें महिला आर्बिटर्स की भागीदारी भी सराहनीय रही।






