Hindi News

वक्फ बोर्ड को लेकर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान, कहा “इनपर कानूनी शिकंजा होना जरूरी”, देखें खबर

Published:
बाबा बागेश्वर ने कहा, "हम किसी मजहब के खिलाफ नहीं है, लैंड जिहाद के खिलाफ हैं।"
वक्फ बोर्ड को लेकर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान, कहा “इनपर कानूनी शिकंजा होना जरूरी”, देखें खबर

Baba Bageshwar Statement:  बागेश्वर धाम बाबा धीरेन्द्र शास्त्री रविवार को बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुँचें। महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त करने वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के घर गए। सीएम के पिता की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और संतावना प्रकट की।

उज्जैन दौरे के दौरान बाबा बागेश्वर ने पत्रकारों से बातचीत भी की। उन्होनें वक्फ बोर्ड को लेकर बड़ा बयान दिया है। साथ ही 9 दिवसीय यात्रा की घोषणा भी की, जो 21 नवंबर से शुरू होगी।

वक्फ बोर्ड को लेकर क्या कहा? (Baba Bageshwar)

धीरेन्द्र शास्त्री ने वक्फ बोर्ड की आलोचना करते हुए कहा, ” इसे निश्चित ही बंद होना चाहिए। वक्फ बोर्ड पर कोई कानूनी शिकंजा होना चाहिए। मेरी महाकाल से यही प्रार्थना है। आगे उन्होंने कहा, “हम किसी मजहब के खिलाफ नहीं है। लेकिन लैंड जिहाद के खिलाफ जरूर है।”

बाबा बागेश्वर ने 9 दिवसीय यात्रा का ऐलान किया (Ujjain News)

बाबा बागेश्वर देशभर में 9 दिनों की यात्रा निकालेंगे। इस यात्रा उद्देश्य सनातनियों को उनके धर्म के प्रति जागरूक करना है। यह यात्रा भेदभाव और छुआ-छूत की जैसी कुप्रथाओं को खत्म करके भारत को भव्य बनाने का एक प्रयास होगा। यात्रा 21 नवंबर से शुरू होगी और 29 नवंबर को इसका समापन होगा।

धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा, “9 दिनों तक जो हमसे मिल नहीं पाते, जिनके पास हम पहुँच नहीं पाते, ऐसे पिछड़े लोगों के पास जाकर उन्हें गले लगाकर भारत को भव्य बनाने का संकल्प दिलवाएंगे।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews