उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर उज्जैन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है। इसी क्रम में सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे प्रसिद्ध प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को रविवार को भी विस्थापित नहीं किया जा सका।
यह मंदिर सती गेट क्षेत्र में कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहा है। फिलहाल मंदिर की प्रतिमा को कैनोपी और टेंट के बीच सुरक्षित रखा गया है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। प्रतिमा के विस्थापन की कार्रवाई नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं।
युवा कांग्रेस ने किया हनुमान चालीसा का पाठ
बता दें कि प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर को शिफ्ट करने की प्रशासन की कार्रवाई का विरोध लगातार तेज हो रहा है। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अर्पित यादव ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंदिर को उसके वर्तमान स्थान पर ही स्थापित रहने देने की मांग की है। इस मौके पर प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए अर्पित यादव के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने मौके पर पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
इस मौके पर अर्पित यादव ने कहा कि प्रशासन प्रतिमा को हटाने का लगातार प्रयास कर रहा है लेकिन ऐसा लग रहा है कि भगवान खुद ही वहां से हटना नहीं चाह रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जबरन शिफ्टिंग के प्रयास में यदि 170 साल से स्थापित यह प्राचीन प्रतिमा खंडित हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को दी चेतावनी
मंदिर विस्थापन की कार्रवाई का विरोध करते हुए यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर और नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं लेकिन 170 साल पुरानी आस्था के केंद्र इस मूर्ति को जबरन हटाने से आम श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि यदि सुरक्षित विस्थापन संभव नहीं है तो मंदिर को उसके मूल स्थान पर ही रहने दिया जाए।





