हिंदू नववर्ष के मौके पर प्रसिद्द गायक विशाल मिश्रा ने उज्जैन पहुंचकर दिन की शुरुआत भक्ति से की है। दरअसल सुबह 4 बजे महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल होकर उन्होंने भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। अब शाम को उनकी लाइव प्रस्तुति को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। दरअसल सुबह के समय मंदिर पहुंचे विशाल मिश्रा करीब दो घंटे तक आरती में बैठे रहे और पूरे समय भक्ति में लीन नजर आए।

दरअसल उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर आरती देखी और बाद में पूजन कर देहरी से भगवान को जल अर्पित किया। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें भगवान की माला भेंट की। उज्जैन में उनका यह दौरा खास माना जा रहा है, क्योंकि यह धार्मिक आस्था और संगीत का एक साथ जुड़ाव दिखाता है।

गुड़ी पड़वा का धार्मिक महत्व

दरअसल महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती पूरे देश में अपनी खास परंपरा के लिए जानी जाती है। बता दें कि यह आरती सुबह बहुत जल्दी होती है और इसमें भगवान महाकाल को विशेष तरीके से सजाया जाता है। आज गुड़ी पड़वा यानी हिंदू नववर्ष के दिन इस आरती का महत्व और बढ़ जाता है। वहीं इस दिन से नए संवत्सर की शुरुआत मानी जाती है और इसे नई ऊर्जा, नई शुरुआत और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।

भस्म आरती का महत्त्व जानिए

वहीं आरती के दौरान भगवान का पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस का इस्तेमाल होता है। बता दें कि इसके बाद विशेष श्रृंगार किया जाता है और फिर भस्म अर्पित की जाती है। मान्यता है कि इस प्रक्रिया के बाद भगवान महाकाल अपने निराकार रूप से साकार रूप में दर्शन देते हैं। यही वजह है कि इस आरती में शामिल होना भक्तों के लिए बेहद खास अनुभव होता है। गुड़ी पड़वा पर नीम अर्पित करने की परंपरा भी निभाई गई, जो स्वास्थ्य और शुद्धता का प्रतीक मानी जाती है।

विशाल मिश्रा की प्रस्तुति का क्रेज

वहीं शाम को शिप्रा नदी के किनारे होने वाले कार्यक्रम में विशाल मिश्रा की लाइव परफॉर्मेंस होने वाली है, जिसे लेकर फैंस में काफी उत्साह है। उज्जैन जैसे धार्मिक शहर में इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन लोगों को भक्ति और मनोरंजन दोनों का अनुभव देते हैं। स्थानीय लोग और बाहर से आए श्रद्धालु इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हैं।