मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के सीएमडी मंजीत सिंह बुधवार को अपने एक दौरे के दौरान मीडियाकर्मियों पर उस वक्त भड़क उठे, जब उनसे विवादित मेगा टेंडर स्कीम को लेकर सवाल पूछा गया। मामला उमरिया जिले में स्थित संजय गांधी थर्मल पावर स्टेशन का है, जहां निरीक्षण के लिए पहुंचे सीएमडी ने पत्रकारों की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए उन्हें मौके से हटाने तक का आदेश दे दिया।
घटना उस समय हुई जब सीएमडी मंजीत सिंह प्लांट की इकाई नंबर चार के मेंटिनेंस का निरीक्षण करने के बाद राखड़ डैम (Ash Dam) का जायजा लेने पहुंचे थे। वहां पहले से ही पत्रकार मौजूद थे। मीडिया ने जब उनसे मेगा कॉन्ट्रैक्ट को लेकर सवाल किया, तो वह असहज हो गए और उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को पत्रकारों का कैमरा बंद कराने और उन्हें वहां से हटाने का निर्देश दिया।
मेगा टेंडर के सवाल पर बिगड़ा मिजाज
दरअसल, सीएमडी की यह नाराजगी पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा लाई गई नई मेगा टेंडर स्कीम से जुड़ी थी। इस स्कीम के तहत प्रदेश की सभी चार विद्युत उत्पादन इकाइयों में निर्माण और उत्पादन से जुड़े सभी कार्यों के लिए एक बड़ा टेंडर जारी किया गया है। इस नीति का छोटे और मंझले ठेकेदार पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
विरोध कर रहे ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि इस नई व्यवस्था से वे टेंडर प्रक्रिया की शर्तों से ही बाहर हो जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। इसी मुद्दे पर जब पत्रकारों ने सीएमडी मंजीत सिंह से सवाल किया तो वह भड़क गए।
ठेकेदारों के विरोध पर गोलमोल जवाब
हालांकि, जब पत्रकारों ने मौके पर डटे रहकर अपना काम जारी रखा, तो सीएमडी मंजीत सिंह ने बाद में मीडिया से बात तो की, लेकिन उन्होंने विवादित मेगा टेंडर स्कीम पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने इस गंभीर मामले पर गोलमोल जवाब देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इस घटना ने कंपनी के भीतर चल रही उथल-पुथल और नई नीति को लेकर हो रहे विरोध को और हवा दे दी है।






