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उमरिया के नौरोजाबाद में बाघ ने किया मवेशियों का शिकार, गांव में दहशत का माहौल, जंगल की ओर जाने से कतरा रहे ग्रामीण

Reported by:Brijesh Shrivastav|Edited by:Gaurav Sharma
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उमरिया जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र में एक बाघ ने दो मवेशियों का शिकार कर लिया है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। ग्रामीण जंगल में जाने और अपने पशुओं को चराने भेजने से डर रहे हैं। इस घटना के बाद वन विभाग की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उमरिया के नौरोजाबाद में बाघ ने किया मवेशियों का शिकार, गांव में दहशत का माहौल, जंगल की ओर जाने से कतरा रहे ग्रामीण

उमरिया जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों के बीच खौफ पैदा कर दिया है। ग्राम छादा के पास स्थित पटपरिहा नाला के किनारे एक बाघ ने दो मवेशियों का शिकार कर लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना के बाद से ग्रामीण जंगल की ओर जाने से कतरा रहे हैं और अपने बच्चों को भी घर से बाहर अकेले नहीं निकलने दे रहे हैं।

यह घटना सुबह के समय हुई, जब कुछ ग्रामीण महुआ बीनने के लिए जंगल की ओर गए हुए थे। उसी दौरान अचानक बाघ के हमले की बात सामने आई। जंगल में चर रहे मवेशियों पर बाघ ने हमला किया और उन्हें घसीटकर अपने साथ ले गया। मवेशियों की चीखें और जंगल में मची हलचल सुनकर वहां मौजूद ग्रामीण घबरा गए। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना ही ठीक समझा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना इतनी तेज़ी से हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

खुलेआम मवेशियों के शिकार से ग्रामीणों में बढ़ा डर

ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में बाघ की गतिविधियां पहले भी देखी जाती रही हैं, लेकिन इस तरह खुलेआम मवेशियों का शिकार करने की घटना ने लोगों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। अब ग्रामीणों में यह डर बैठ गया है कि अगर बाघ आबादी के इतने करीब आकर शिकार करने लगा है, तो इंसानों पर हमला करने में भी उसे देर नहीं लगेगी। इसी डर के कारण अब लोग अपने पशुओं को जंगल में चराने भेजने से डर रहे हैं, जबकि बहुत से परिवारों के लिए पशुपालन ही आजीविका का मुख्य साधन है। मवेशियों को जंगल में न भेज पाने से उनके चारे की समस्या खड़ी हो गई है।

इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और जीविका दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों को लगता है कि वन विभाग इस मामले में पर्याप्त सतर्कता नहीं बरत रहा है। उनकी नाराजगी तब और बढ़ गई जब इस घटना के बारे में वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अभी तक इस मामले की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है और उन्होंने इस पर हैरानी भी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है, ऐसे में वन विभाग को पहले से ही सतर्क रहना चाहिए था और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कदम उठाने चाहिए थे।

प्रशासन से गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग

ग्रामीणों की यह शिकायत भी है कि पहले भी जब बाघ की गतिविधियां देखी गई थीं, तब भी वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए थे। उनकी लापरवाही का नतीजा है कि अब बाघ इतना बेखौफ होकर शिकार कर रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इलाके में गश्त बढ़ाई जाए और बाघ की गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जाए। उनका मानना है कि जब तक वन विभाग सक्रिय होकर काम नहीं करेगा, तब तक किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। बच्चों को स्कूल भेजने या रोज़मर्रा के काम के लिए घर से बाहर निकलने में भी लोग डर रहे हैं।

फिलहाल, उमरिया जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र और आसपास के गांवों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण हर आहट पर सतर्क हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य करने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि वे अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी बिना किसी डर के जी सकें। वन विभाग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई कर ग्रामीणों का विश्वास फिर से जीतना होगा।

Gaurav Sharma
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