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ई अटेंडेंस का विरोध जारी, शिक्षकों ने निकाली रैली, 18 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, उग्र आंदोलन की चेतावनी

Written by:Atul Saxena
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शिक्षकों ने ई अटेंडेंस का विरोध किया है और ओपीएस को लागू करने की मांग की है, शिक्षकों का कहना है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो भोपाल में उग्र आंदोलन होगा।
ई अटेंडेंस का विरोध जारी, शिक्षकों ने निकाली रैली, 18 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, उग्र आंदोलन की चेतावनी

मध्य प्रदेश के शिक्षक ई अटेंडेंस व्यवस्था का लगातार विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि ये शिक्षकों के लिए ठीक नहीं है इसमें बहुत सी व्यावहारिक दिक्कतें हैं , स्कूल दूर दराज है जहाँ मोबाइल का नेटवर्क काम नहीं करता, कभी एप काम नहीं करता, इसी के विरोध में उमरिया में शिक्षकों ने रैली निकलकर विरोध जताया।

उमरिया जिला मुख्यालय में जिले भर के शिक्षक एवं शिक्षकोंए अपनी 18 सूत्री मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे और एक रैली निकालकर जिले के प्रमुख मार्गो से होते हुए गांधी चौक एवं जय स्तंभ से होते हुए रानी दुर्गावती चौक पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट करने की ओर रवाना हुए कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

शिक्षकों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन 

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ उमरिया के बैनर तले शिक्षकों ने आज रविवार के बावजूद अपनी मांगों को लेकर एक रैली निकाली, इस रैली में जिले भर के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थी इनका विरोध ई अटेंडेंस को लेकर व ओपीएस को लागू करने की मांग रखी गई है शिक्षकों का कहना है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो भोपाल में उग्र आंदोलन होगा।

नासूर बन रही ई अटेंडेंस व्यवस्था 

शिक्षकों का कहना है कि ई अटेंडेंस हमारे लिए नासूर बन रही है, ये शिक्षकों के लिए परेशानी बन रही है क्योंकि हमें विभाग के जिस ऐप पर अटेंडेंस लगानी होती है उसमें व्यावहारिक दिक्कतें हैं जिसपर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे , उन्होंने कहा स्कूल दूरदराज गांवों में होते हैं वहां नेटवर्क काम नहीं करता और शिक्षक की एब्सेंट लग जाती है।

मुख्यमंत्री से शिक्षकों ने की ये उम्मीद 

शिक्षकों ने एनपीएस का भी विरोध किया उन्होंने कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की जाये, प्रदर्शनकारियों ने कहा उन्हें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान देंगे और उसका निराकरण करेंगे।

उमरिया से ब्रजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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