उमरिया जिला के करकेली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोयलारी 57 में पंचायत स्तर पर विवाद का मामला सामने आया है। ग्राम की सरपंच ने पंचायत सचिव और रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरपंच का कहना है कि उन्हें उनके आदिवासी बैगा समाज से होने के कारण जातिगत टिप्पणी कर अपमानित किया गया।
सरपंच के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों ने कथित तौर पर यह कहा कि “जब तक यहां सामान्य सरपंच नहीं आएगा, तब तक विकास कार्य नहीं होंगे।” इतना ही नहीं, पंचायत भवन पहुंचने पर उन्हें अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते है। सरपंच का आरोप है कि यह व्यवहार न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि आदिवासी समाज की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने वाला है।
कलेक्टर से की लिखित शिकायत
सरपंच ने इसकी लिखित शिकायत उमरिया कलेक्ट्रेट में दर्ज कराई है। शिकायत में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। सरपंच का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार होगा, तो पंचायत स्तर पर विकास कार्य प्रभावित होंगे और लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना कमजोर होगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्राम कोयलारी 57 में इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में आपसी समन्वय और सम्मानजनक व्यवहार आवश्यक है, ताकि शासन की योजनाएं सुचारू रूप से लागू हो सकें। वहीं प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की अपेक्षा जताई जा रही है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों पर वैधानिक कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल यह मामला पंचायत व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों के सम्मान और आदिवासी समाज के अधिकारों से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील माना जा रहा है।






