उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में बड़ी कार्रवाई हुई है। कानपुर नगर के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. सुबोध प्रकाश यादव को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर की गई है।
अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
डॉ. सुबोध यादव पर आरोप है कि उन्होंने विभिन्न मेडिकल सप्लायरों से साठगांठ कर वित्तीय अनियमितताएं कीं। साल 2024 के नवंबर महीने में फार्मासिस्ट अवनीश शुक्ल, डॉ. वंदना सिंह और वरिष्ठ वित्त एवं लेखा अधिकारी के साथ मिलकर जेएम फार्मा नामक फर्म के जरिए जेम पोर्टल और अभिलेखों में हेराफेरी करते हुए घटिया गुणवत्ता की सामग्री खरीदी। इस खरीद में कुल 1.60 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। जांच में यह मामला सही पाया गया, जिसके बाद गुरुवार को डॉ. यादव को निलंबित कर दिया गया। उनके साथ-साथ चीफ फार्मासिस्ट और वरिष्ठ लेखा अधिकारी पर भी जल्द कार्रवाई की तैयारी है।
इसी तरह मथुरा और एटा में भी दो डॉक्टरों को निलंबन का सामना करना पड़ा है। मथुरा जिला अस्पताल में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. हरि नारायण प्रभाकर और एटा जिला अस्पताल के डॉ. राहुल वाष्र्णेय पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को मेडिकल में पास करवाने के लिए घूस ली थी।
बांदा के पूर्व सीएमओ के खिलाफ भी कार्रवाई
बांदा के पूर्व सीएमओ डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव पर भी गाज गिरी है। वर्तमान में वह बदायूं जिला अस्पताल में तैनात हैं। आशा कार्यकर्ताओं के चयन में अनियमितता को लेकर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद मंडलीय अपर निदेशक चित्रकूट की रिपोर्ट पर यह कदम उठाया गया।
नेत्र सर्जन और महिला अस्पताल की अधीक्षक पर भी कार्रवाई
हमीरपुर जिला अस्पताल में तैनात नेत्र सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिंह पर मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप में विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लखनऊ के वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेनू पंत को भी आरोप पत्र दिया गया है। उनके खिलाफ अस्पताल में अनियमितताओं और शासनादेशों की अनदेखी की शिकायतें सामने आई थीं, जिन्हें जांच में सही पाया गया।
कड़े तेवर में दिखे उप मुख्यमंत्री
डॉ. ब्रजेश पाठक लगातार स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी में जुटे हैं। उन्होंने दो टूक कहा है कि लापरवाही, भ्रष्टाचार और मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय कार्यवाही में कोई ढील न बरती जाए और दोषियों को जल्द दंडित किया जाए।





