समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को फसलों के लिए यूरिया और डीएपी जैसे जरूरी खाद नहीं मिल रहे हैं, जबकि कालाबाजारी चरम पर है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के लिए बोझ बन गई है, जो खाद, बीज और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में पूरी तरह विफल रही है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, श्रावस्ती और सोनभद्र जैसे कई जिलों में सहकारी समितियों पर महीनों से खाद की कमी बनी हुई है। किसान खाद के लिए लंबी-लंबी कतारों में घंटों इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद के बजाय लाठियां मिल रही हैं। धान और अन्य फसलों के लिए यूरिया और डीएपी की कमी के चलते किसान धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि यह स्थिति सरकार की अकर्मण्यता और भ्रष्टाचार का परिणाम है।
हर फसल के लिए किसानों को झेलनी पड़ रही है मार
सपा मुखिया ने बताया कि खरीफ की फसल की शुरुआत से ही खाद की मारामारी शुरू हो गई थी। गेहूं, चना, सरसों, आलू और मक्का जैसी फसलों के लिए भी किसानों को डीएपी और यूरिया समय पर नहीं मिल पाया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का जाल इतना फैल गया है कि खाद और बीज की लूट आम बात हो गई है। सरकार इस लूट को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है, जिससे किसानों का शोषण बढ़ता जा रहा है।
भाजपा सरकार ने किसानों के साथ किया छल
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के साथ बार-बार छल किया है। न तो समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराए गए और न ही फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया गया। धान, गेहूं, गन्ना, आलू और मक्का जैसे सभी फसलों के किसान परेशान हैं और उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार झूठे वादों और अकर्मण्यता की शिकार है, जिसने किसानों की दुर्दशा को और बढ़ा दिया है।





