मुंबई: इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्ध संकट के दौरान भारत के पास दुनिया को शांति का संदेश देकर विश्वगुरु बनने का एक बड़ा अवसर था, जिसे सरकार ने गंवा दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि भारत का इतिहास हमेशा युद्ध के खिलाफ और शांति के पक्ष में रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस भूमिका निभाने में नाकाम रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर भारत सरकार ने इस संघर्ष की खुले तौर पर निंदा की होती और शांति के लिए पहल की होती, तो आज देश की वैश्विक छवि और मजबूत होती।
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‘तो आज भारत को विश्वगुरु कहा जाता’
सपा प्रमुख ने केंद्र की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर भारत इस संघर्ष की खुले तौर पर निंदा करता और दुनिया को शांति का संदेश देता तो आज भारत को विश्वगुरु कहा जाता।” उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले जहाजों को लेकर अनिश्चितता का भी जिक्र किया।
“कोई कह रहा है कि एक जहाज आ रहा है, तो कोई दो जहाज आने की बात कर रहा है, लेकिन असली स्थिति क्या है यह स्पष्ट नहीं है।”- अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
यादव ने आरोप लगाया कि इस अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण देश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी हो गई है और आम लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
‘सबसे ज्यादा अफवाहें बीजेपी के लोग ही फैलाते हैं’
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि बीजेपी नेता अक्सर दूसरों पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हैं, जबकि हकीकत में सबसे ज्यादा अफवाहें बीजेपी के लोग ही फैलाते हैं।
इसके अलावा, संभल मस्जिद के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में हमेशा सभी धर्मों का सम्मान किया गया है, लेकिन बीजेपी नफरत की राजनीति करती है और समाज को बांटने का काम करती है। उन्होंने कहा, “हर धर्म हमें शांति का संदेश देता है।”