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अयोध्या में बनेगा ‘सिंदूर स्मारक’, आस्था और देशभक्ति को जोड़ने की तैयारी, जानिए इस नए लैंडमार्क में क्या होगा खास?

Written by:Rishabh Namdev
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अयोध्या में ‘सिंदूर स्मारक’ को लेकर तैयारी तेज हो गई है। दरअसल छोटी देवकाली तिराहे का नया रूप देखने को मिलने वाला है। करीब 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट आस्था और देशभक्ति को जोड़ने का प्रयास माना जा रहा है।
अयोध्या में बनेगा ‘सिंदूर स्मारक’, आस्था और देशभक्ति को जोड़ने की तैयारी, जानिए इस नए लैंडमार्क में क्या होगा खास?

राम की नगरी अयोध्या में अब एक नया आकर्षण जुड़ने जा रहा है। दरअसल छोटी देवकाली तिराहे पर ‘सिंदूर स्मारक’ बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट में फाइटर जेट की प्रतिकृति, लाइटिंग और मॉडर्न डिजाइन शामिल होंगे जिससे यह जगह न सिर्फ खूबसूरत बनेगी बल्कि शहीदों को समर्पित एक खास पहचान भी बनेगी। वहीं नगर निगम के मुताबिक इस प्रोजेक्ट पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह रकम 15वें वित्त आयोग से मिली है।

दरअसल इस स्मारक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की याद में तैयार किया जा रहा है। यह देश के जवानों के सम्मान को दर्शाएगा। वहीं इसे लेकर महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि यह सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं बल्कि लोगों में देशभक्ति और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने की पहल है। इस तिराहे से रामपथ भी जुड़ा है इसलिए यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

जानिए क्या होगा खास?

दरअसल सिंदूर स्मारक को खास बनाने के लिए इसमें कई आधुनिक एलिमेंट जोड़े जा रहे हैं। सबसे बड़ा आकर्षण फाइटर जेट की प्रतिकृति होगी जो देश की सैन्य ताकत और शौर्य का प्रतीक मानी जाएगी। वहीं इसके साथ ही पूरे तिराहे को रंगीन और स्मार्ट लाइटिंग से सजाया जाएगा ताकि रात के समय भी इसकी भव्यता दिखाई दे। दरअसल छोटी देवकाली तिराहा पहले से ही धार्मिक रूप से अहम माना जाता है। मान्यता है कि माता जानकी की कुलदेवी यहां विराजमान हैं इसलिए यह स्थान आस्था से जुड़ा हुआ है।

नए लैंडमार्क के रूप में विकसित किया जा रहा

जानकारी दे दें कि पिछले कुछ सालों में अयोध्या तेजी से विकसित हो रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद यहां इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कें और पर्यटन सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है। वहीं इसी कड़ी में शहर के अलग-अलग हिस्सों को नए लैंडमार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। सिंदूर स्मारक भी इसी रणनीति का हिस्सा है। स्थानीय पार्षद अनुज दास के अनुसार, इस तिराहे को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यह दूर से ही लोगों का ध्यान खींचे। इसके अलावा प्रमोद वन तिराहे को भी नए रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे शहर का ओवरऑल लुक बदलेगा।

हालांकि तिराहे के नाम को लेकर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। सिंदूर चौराहा नाम की चर्चा जरूर की जा रही है लेकिन इसके लिए तय प्रक्रिया पूरी करनी अभी बाकी है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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