शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शासन ने निलंबित कर दिया है। राज्य के नियुक्ति विभाग ने बरेली के कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी को इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है। साथ ही, अलंकार अग्निहोत्री को तत्काल प्रभाव से शामली में अटैच कर दिया गया है।
यह कार्रवाई अग्निहोत्री के 26 जनवरी को दिए गए इस्तीफे के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने UGC के नए कानून और शंकराचार्य के शिष्यों की पिटाई को वजह बताया था। अपने इस्तीफे के बाद अग्निहोत्री ने डीएम आवास पर उन्हें बंधक बनाए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया था, जिसके बाद यह मामला और तूल पकड़ गया।
शंकराचार्य का फोन, धर्म में बड़े पद का प्रस्ताव
इस घटनाक्रम के बीच, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने खुद अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बात की और उनके इस कदम की सराहना की।
“आपने जिस तरह सनातन धर्म और प्रतीकों के प्रति निष्ठा दिखाई, उससे पूरा सनातनी समाज आह्लादित है। जो पद आपको सरकार ने दिया था, हम उससे भी बड़ा पद आपको धर्म के क्षेत्र में देंगे।” — शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि सरकार को इस बात का अनुमान लगाना चाहिए कि सनातन प्रेमियों के हृदय में बसे शंकराचार्य के सम्मान को ठेस पहुंचाने का क्या परिणाम हो सकता है।
इस्तीफे के बाद DM आवास पर बंधक बनाने का आरोप
अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर 5 पन्नों का इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद वह शाम को डीएम अविनाश सिंह से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। बाहर आने के बाद अग्निहोत्री ने मीडिया को बताया कि उन्हें डीएम आवास में करीब 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और SSP के कहने पर छोड़ा गया। इस आरोप के बाद उन्होंने देर रात अपना सरकारी आवास भी खाली कर दिया और बरेली में ही एक परिचित के यहां ठहरे हैं।
सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप
अग्निहोत्री ने यूपी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी अभियान चलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यूपी सरकार में काफी समय से ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है। ब्राह्मणों को निशाना बनाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। कहीं डिप्टी जेलर एक ब्राह्मण को पीट रहा है।”
कौन हैं PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री?
कानपुर के रहने वाले अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के PCS अफसर हैं। उन्होंने परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल की थी। वह पहले भी अपने दफ्तर में भगवान बजरंग बली की तस्वीर लगाने को लेकर चर्चा में आ चुके हैं। फिलहाल उन्होंने बरेली में ही रहकर आगे की रणनीति बनाने की बात कही है।





