बसपा में बड़ा फेरबदल; मायावती ने अब आकाश आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक, कई प्रदेश अध्यक्ष बदले

मायावती ने इस फेरबदल के जरिए संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश में विश्वनाथ पाल की दोबारा नियुक्ति से स्थानीय नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी।
बसपा में बड़ा फेरबदल; मायावती ने अब आकाश आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक, कई प्रदेश अध्यक्ष बदले

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को संगठन में व्यापक बदलाव किए। अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर से प्रमोशन देते हुए राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। यह पद संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद सबसे अहम माना जाता है। इसके साथ ही, मायावती ने छह नए राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर नियुक्त किए और देश के कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की, जिसमें उत्तर प्रदेश में विश्वनाथ पाल को दोबारा जिम्मेदारी दी गई।

आकाश आनंद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की देखरेख में काम करेंगे और सभी सेक्टर, केंद्रीय व स्टेट कोआर्डिनेटरों तथा प्रदेश अध्यक्षों के काम की समीक्षा करेंगे। वे सीधे मायावती को रिपोर्ट करेंगे। आकाश को पहले मायावती ने अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था, लेकिन एक समय उनकी सभी जिम्मेदारियां वापस ले ली गई थीं। इस प्रमोशन के साथ आकाश आनंद की संगठन में भूमिका और मजबूत हो गई है, जो बसपा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति

नए बदलावों के तहत रामजी गौतम, राजाराम, रणधीर सिंह बेनीवाल, लालजी मेधांकर, अतर सिंह राव और धर्मवीर सिंह अशोक को राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। ये सभी आकाश आनंद को रिपोर्ट करेंगे। रामजी गौतम को दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की गई, जिनमें दिल्ली के लिए राजेश तंवर, मध्य प्रदेश के लिए रमाकांत पिप्पल, छत्तीसगढ़ के लिए श्याम टंडन और बिहार के लिए शंकर महतो शामिल हैं।

फेरबदल के जरिए संगठन को मजबूत करने की तैयारी

मायावती ने इस फेरबदल के जरिए संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश में विश्वनाथ पाल की दोबारा नियुक्ति से स्थानीय नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी। अन्य राज्यों जैसे कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। यह बदलाव बसपा की रणनीति को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर।

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