लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को लखनऊ में एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मायावती ने पिछली बैठक में सौंपे गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा की।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मायावती ने बहुजन समाज को एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी अस्मिता और सत्ता में वापसी के लिए एक साथ आना होगा। उन्होंने चुनावी मौसम में राजनीतिक दलों द्वारा दिए जाने वाले प्रलोभनों से सावधान रहने की भी अपील की।
“बहुजन समाज को अपनी अस्मिता और सत्ता में आने के लिए एकजुट होना जरूरी है। साथ ही चुनाव से पहले दिए जाने वाले प्रलोभनों से बचने की जरूरत है, नहीं तो चुनाव बाद आने वाले दिन उनके लिए ‘बुरे दिन’ बन जाएंगे।”- मायावती, बसपा सुप्रीमो
यूपी में ‘कानून के राज’ का दिया उदाहरण
मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बसपा ने राज्य में चार बार सरकार बनाई है। उन्होंने दावा किया कि बसपा शासन में ही ‘कानून द्वारा कानून का राज’ स्थापित करके सर्वसमाज के जान, माल और मजहब की सुरक्षा की संवैधानिक गारंटी सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि ऐसा शासन देश में किसी अन्य पार्टी की सरकार में देखने को नहीं मिलता है।
कांशीराम और आंबेडकर जयंती पर जोर
बैठक के दौरान मायावती ने 15 मार्च को बसपा संस्थापक कांशीराम का जन्मदिन धूमधाम से मनाने के लिए कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने आगामी 15 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती को भी बसपा के मिशनरी उद्देश्यों के साथ भव्य तरीके से मनाने का निर्देश दिया। यह बैठक आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






