देहरादून: उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के आंदोलनकारियों, सैनिकों और आम नागरिकों के कल्याण के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन फैसलों में पेंशन में बढ़ोतरी से लेकर सरकारी नौकरियों में आरक्षण तक के प्रावधान शामिल हैं, जिनका सीधा असर समाज के विभिन्न वर्गों पर पड़ रहा है।
सरकार ने राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों और देश की सेवा करने वाले सैनिकों के सम्मान में कई कदम उठाए हैं। सबसे बड़े फैसलों में से एक शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को लेकर है। इस राशि को 10 लाख रुपये से पांच गुना बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए यह राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है।
आरक्षण से युवाओं और आंदोलनकारियों को सहारा
सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके अलावा, अग्निवीर योजना के तहत सेवा देने वाले युवाओं को भी भविष्य में सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
पेंशन योजनाओं में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। राज्य आंदोलन के दौरान घायल हुए या 7 दिन जेल में रहे आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन 6000 रुपये से बढ़ाकर 7000 रुपये कर दी गई है। वहीं, आंदोलनकारियों के आश्रितों को मिलने वाली पेंशन भी 3000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रतिमाह की गई है।
‘सेवा का संकल्प’ अभियान और डिजिटल सेवाएं
प्रशासन को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल शुरू की। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में 686 शिविर आयोजित किए गए, जिसमें 5.37 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
आंकड़ों के अनुसार, इन शिविरों के माध्यम से 2.96 लाख से ज्यादा लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। मौके पर ही 51,317 शिकायतों में से 33,990 का निस्तारण किया गया, जो प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है। इसके साथ ही, अपुणि सरकार पोर्टल पर लगभग 950 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराकर डिजिटल गवर्नेंस को भी बढ़ावा दिया गया है।
सामाजिक सुरक्षा पर भी सरकार का ध्यान
समाज के अन्य वर्गों का ध्यान रखते हुए भी कई निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है, जिसका लाभ अब बुजुर्ग दंपत्ति में दोनों सदस्य उठा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन को भी दोगुना करते हुए 3000 रुपये से 6000 रुपये कर दिया गया है। इन फैसलों का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।






