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मेरे प्यारे बच्चों.. नए शैक्षणिक सत्र को लेकर सीएम योगी का संदेश, बच्चों और अभिभावकों के नाम लिखा पत्र, शिक्षा के महत्व पर दिया जोर

Written by:Gaurav Sharma
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर प्रदेश के बच्चों और उनके अभिभावकों के नाम एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने बच्चों को स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएं दीं और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया, साथ ही दावा किया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे वंचित बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने में सहयोग करें, जिसके लिए 01 अप्रैल, 2026 से 'स्कूल चलो अभियान' चलाया जाएगा।
मेरे प्यारे बच्चों.. नए शैक्षणिक सत्र को लेकर सीएम योगी का संदेश, बच्चों और अभिभावकों के नाम लिखा पत्र, शिक्षा के महत्व पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ प्रदेश वासियों के नाम एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने बच्चों को उनके स्वर्णिम भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उनका मानना है कि जब हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, तभी विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य पूरा होगा।

मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र में बच्चों को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, ‘मेरे प्यारे बच्चों, नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो रहा है। आप सभी को स्वर्णिम भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं। नए सत्र में आप अपनी रुचि के विषय, खेल एवं विद्यालय की गतिविधियों में पूरे मनोयोग से हिस्सा लें तथा अपने सपनों में रंग भरें।’ उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह सुनिश्चित करना उनकी सरकार का मुख्य ध्येय है।

अपने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि कुछ दिन पहले उन्हें अपने विद्यालय जाने का सौभाग्य मिला। यह वही जगह है जहां से उन्हें जीवन की मूल शिक्षा और संस्कार मिले, जिसने आगे का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय सिर्फ पढ़ाई का स्थान नहीं है। यह तो व्यक्तिगत निर्माण की प्रथम पाठशाला है। स्कूल ही बच्चे के व्यक्तित्व को गढ़ने का काम करता है।

सीएम ने गुरुकुल को कर्तव्य पथ की पहली सीढ़ी बताया

योगी आदित्यनाथ ने पौराणिक संदर्भ भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम और भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोगी स्वरूप की प्रथम सीढ़ी उनका गुरुकुल ही था। यह गुरुकुल ही था जिसने उन्हें उनके कर्तव्य पथ पर चलने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि उनके लिए भी शिक्षा इसी कर्तव्य पथ का अभिन्न अंग है। शिक्षा ही उन्हें जीवन में सही दिशा दिखाएगी।

पत्र में स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाकर बच्चे परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ असंभव लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए खेलकूद और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी। आज के तकनीकी युग की बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने तकनीक का सही उपयोग सीखने पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों से स्क्रीन टाइम के स्थान पर एक्टिविटी टाइम पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उनका संदेश स्पष्ट था, ‘खूब खेलें और खूब पढ़ें।’

अभिभावकों से मुख्यमंत्री की खास अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र में छात्रों के परिजनों, यानी अभिभावकों से भी खास अपील की है। उन्होंने लिखा, ‘प्रिय अभिभावकों, कुछ बातें मैं आपसे भी करना चाहता हूं।’ उन्होंने इस बात को माना कि अभिभावक अपने बच्चों को उत्तम से उत्तम शिक्षा दिलवाने के लिए भरपूर प्रयास करते हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने उनसे एक अतिरिक्त संकल्प लेने को कहा। यह संकल्प है अपने आस-पड़ोस के उन बच्चों को शिक्षा के मंदिर तक पहुंचाने का, जो किसी कारण से शिक्षा से वंचित हैं।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कई बार सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण बच्चे विद्यालयों में प्रवेश नहीं कर पाते या सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे इन बच्चों के परिवार वालों को जागरूक करें। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे। इस संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए सरकार एक विशेष अभियान भी चला रही है।

‘स्कूल चलो अभियान’ का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने ‘स्कूल चलो अभियान’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल, 2026 से 15 अप्रैल, 2026 की अवधि में चलने वाला ‘स्कूल चलो अभियान’ सरकार के इसी संकल्प का प्रतिफल है। यह अभियान हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के लिए चलाया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र के अंत में एक बार फिर विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को दोहराया। उनका कहना है कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का लक्ष्य तभी पूर्ण होगा जब हर बच्चा पढ़ेगा और हर बच्चा बढ़ेगा।

Gaurav Sharma
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