उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने ग्राम पंचायतों के विकास, योजनाओं की पारदर्शिता, बजट के उपयोग तथा ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतों से ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का निर्माण संभव है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि पंचायतों द्वारा संचालित विकास-कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। इसी के साथ अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में उत्सव भवनों का बिना किसी भेदभाव के उपयोग सुनिश्चित करने, भूमि से अतिक्रमण हटाने तथा उत्सव भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने ली पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत इस वित्तीय वर्ष में 9.67 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य था, जिसमें अब तक 4.79 लाख शौचालय पूरे हो चुके हैं। इस उपलब्धि से उत्तर प्रदेश देश में शौचालय निर्माण के मामले में पहले स्थान पर बना हुआ है।
अधिकारियों को दिए अहम निर्देश
बैठक में सीएम योगी ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं और इन्हें आत्मनिर्भर बनाने से प्रदेश का समग्र विकास तेज होगा। उन्होंने सभी कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में उत्सव भवन (बारात घर) के निर्माण में तेजी लाई जाए। 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का लक्ष्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूरा किया जाए। तालाबों-पोखरों का सूचीकरण कर समयबद्ध पट्टा वितरण किया जाए तथा उनकी सफाई व संरक्षण पर ध्यान दिया जाए। साथ ही 160 फैकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के निर्माण कार्य तुरंत शुरू हों।
बजट और वित्तीय संसाधनों की समीक्षा
बैठक में जिला पंचायतों की राजस्व वसूली और अन्य योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा हुई। बजट और वित्तीय संसाधनों के उपयोग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट को समय पर और पारदर्शी तरीके से खर्च किया जाए, जिससे योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। इसके लिए उन्होंने विभागों में निगरानी तंत्र को मजबूत करने तथा प्रत्येक कार्य की समय-सीमा निर्धारित करने की बात कही है।





