वाराणसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वहीं इसके बाद मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए वाराणसी के निवासियों के लिए प्रवेश का समय बढ़ाने का फैसला किया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय लोगों को आसान और सुविधाजनक दर्शन उपलब्ध कराना है।
बता दें कि पहले वाराणसी के स्थानीय श्रद्धालुओं को केवल सुबह 4 बजे से 5 बजे और शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच ही काशी द्वार (गेट संख्या 4B) से प्रवेश की अनुमति थी। अब संशोधित व्यवस्था के तहत शहर के निवासी वैध पहचान पत्र दिखाकर सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक इसी प्रवेश द्वार से मंदिर में जा सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने साफ किया है कि यह सुविधा सामान्य दिनों में लागू रहेगी, जबकि प्रमुख त्योहारों और अधिक भीड़ वाले अवसरों पर इसमें बदलाव किया जा सकता है।
जानिए स्थानीय श्रद्धालुओं को क्या फायदा मिलेगा?
दरअसल मंदिर प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था खास तौर पर वाराणसी के स्थायी निवासियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। उप जिलाधिकारी एवं मंदिर अधिकारी शंभू शरण ने बताया कि काशी द्वार (गेट संख्या 4B) स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए पहले भी निर्धारित था, लेकिन समय सीमित होने के कारण कई लोगों को असुविधा होती थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब प्रवेश समय पूरे दिन के लिए बढ़ा दिया गया है।
अब सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे
वहीं नई व्यवस्था के अनुसार वाराणसी के निवासी वैध पहचान पत्र दिखाकर सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। इससे नौकरी, व्यापार या अन्य काम में व्यस्त लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार दर्शन करने का अवसर मिलेगा। हालांकि मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महाशिवरात्रि, सावन, देव दीपावली और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए यह विशेष सुविधा अस्थायी रूप से लागू नहीं रहेगी। ऐसे दिनों में सामान्य सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था के अनुसार ही प्रवेश कराया जाएगा।
CM योगी के निर्देश के बाद बदली दर्शन व्यवस्था
दरअसल श्री काशी विश्वनाथ मंदिर देश के सबसे अधिक दर्शन किए जाने वाले धार्मिक स्थलों में शामिल है। हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, जबकि त्योहारों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसी वजह से मंदिर प्रशासन समय-समय पर दर्शन व्यवस्था में बदलाव करता रहा है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।






