उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चित्रकूट पहुंचे उन्होंने यहां 951 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन/शिलान्यास किया, उन्होंने चित्रकूट के विकास के लिए डबल इंजन सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया, इस दौरान योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को राम के प्रति आस्था दिखाने पर आड़े हाथ लिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा जिस चित्रकूट के पास विकसित चित्रकूट के रूप में दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करने का सामर्थ्य है वो पहले भी था लेकिन पिछली सरकारों ने चित्रकूट के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था लोग भय के कारण नहीं आते थे, महर्षि वाल्मीकि का आश्रम कितना अव्यवस्थित था, 2017 के पहले पूरा चित्रकूट उपेक्षित सा लगता था और आज का चित्रकूट बदल गया है।
आज के चित्रकूट में वो सबकुछ है जिसके आप वर्षों से अधिकारी थे
योगी ने कहा जगद्गुरु रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय को हमने राज्य शासन का विश्वविद्यालय बना दिया है, आज के चित्रकूट में वो सबकुछ है जिसके आप वर्षों से अधिकारी थे, उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी के लोगों को तो ठेके पट्टे और जमीनों पर कब्ज़ा करने से ही फुर्सत नहीं है उन्हें क्षेत्र के विकास से कोई मतलब ही नहीं है यह तो सरकार का डंडा है कि वे कब्जा नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन गिद्ध-दृष्टि तो लगी ही हुई है।
..तो चित्रकूट भी अयोध्या काशी प्रयागराज की तरह चमक रहा होता
योगी ने कहा यदि 2022 में यहाँ भाजपा का विधायक होता और 2024 में भाजपा का सांसद होता तो उसे क्षेत्र की चिंता होती और फिर डबल इंजन सरकार की मदद से चित्रकूट भी अयोध्या, काशी, प्रयागराज की तरह चमक रहा होता, जनता की बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए जन प्रतिनिधि अड़ता है और यदि सरकार और उसकी विचारधारा एक होती है तो विकास में कोई बाधा नहीं आती।
आज के समाजवादी बाबर और औरंगजेब को अपना आदर्श मानते हैं
योगी ने कहा आज हम 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाएं चित्रकूट को दे रहे हैं लेकिन जो अपने आपको समाजवादी कहते थे वे चित्रकूट आने से डरते थे वे डॉ राम मनोहर लोहिया के नाम पर राजनीति करते हैं लेकिन जब सत्ता में आते हैं तो केवल अपने परिवार के लिए कार्य करते हैं वे परिवारवाद और वंशवाद से ऊपर कुछ देख ही नहीं पाते। योगी ने कहा लोहिया के कारण उत्तर प्रदेश में रामायण मेला की शुरुआत हुई थी लेकिन आज के समाजवादी प्रभु श्री राम से दूरी बनाते हैं, बाबर और औरंगजेब को अपना आदर्श मानते हैं। वे प्रभु श्री राम और भगवान श्रीकृष्ण को नहीं मानते।
जो जन्मजात अयोध्या को कोसते थे उन्हें एक मुद्दा मिल गया है
योगी ने कहा आज के समाजवादी को भगवान राम के प्रति आस्था नहीं है भगवान श्री कृष्ण के प्रति उनकी आस्था नहीं है सनातन की विरासत का ये लोग सम्मान नहीं करते। समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस भी इन दिनों अचानक सक्रिय हो गई है जो जन्मजात अयोध्या को कोसते थे उन्हें एक मुद्दा मिल गया है।
हमारे प्रभु को काल्पनिक बताने वाले किस मुंह अयोध्या में आस्था की बात कर रहे
योगी ने कहा जिन्होंने प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताया उनके अस्तित्व को ही नकार दिया सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामा भी दिया और कहा राम तो हुए ही नहीं.. यदि राम और कृष्ण काल्पनिक हैं तो अयोध्या, चित्रकूट क्या है? मथुरा, वृन्दावन क्या है? गोवर्धन, बरसाना क्या है? हमारे प्रभु को काल्पनिक बताने वाले ये लोग किस मुंह से आज अयोध्या में आस्था की बात कर रहे हैं? जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां और लाठियां चलें वो किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं? इन लोगों ने तो अयोध्या और प्रभु श्रीराम की विरासत को बदनाम करने का ठेका ले लिया है।






