उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो गोरखनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर भी हैं, ने मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हुए उन्हें पालने में झुलाया। इस दौरान मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रही, जो कन्हैया के दर्शन और उत्सव में शामिल होने के लिए उमड़ पड़ी।
गोरखनाथ मंदिर में जन्माष्टमी की रात विशेष रूप से भक्तिमय रही। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ ही मंदिर में घंटे-घड़ियाल और शंखनाद की गूंज सुनाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण को पालने में झुलाकर उत्सव में चार चांद लगाए। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिसने भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक और उत्सवपूर्ण माहौल बनाया।
भक्तों ने लिया भक्ति में डूबने का आनंद
जन्माष्टमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने भजन-कीर्तन और कृष्ण लीला के दृश्यों का आनंद लिया। मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों को प्रसाद के रूप में माखन-मिश्री और पंजीरी वितरित की गई, जिसे ग्रहण कर वे अपने आराध्य के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते नजर आए। मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि भक्त बिना किसी परेशानी के दर्शन और उत्सव का हिस्सा बन सकें।
सीएम योगी ने दी भक्तों को शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर सभी भक्तों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनके उपदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। सीएम ने भक्तों से श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में शांति व सौहार्द स्थापित करने की अपील की। गोरखनाथ मंदिर में यह उत्सव देर रात तक चला, जिसमें भक्तों ने उत्साह और भक्ति के साथ भाग लिया।





