इस सप्ताह रसोई गैस को लेकर सबसे बड़ी बेचैनी घरों में दिख रही है। ईरान-इजरायल युद्ध के असर की चर्चा के बीच देश के कई हिस्सों से LPG सिलेंडर की उपलब्धता पर सवाल उठे, और इसी माहौल में समाजवादी पार्टी ने सरकार पर सीधा हमला बोला।
अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि गैस सप्लाई पर बढ़ता दबाव आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकता है। उनका दावा है कि सरकार ने जो तीन सदस्यों का पैनल सप्लाई मामलों की जांच के लिए बनाया है, वह हालात को काबू में नहीं ला पाएगा। उन्होंने कहा कि कमी बढ़ी तो सीधा असर महंगाई और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, और सरकार के पास जवाब कम पड़ जाएंगे।
तीन सदस्यीय पैनल पर सपा का सीधा वार
अवधेश प्रसाद ने अपने बयान में सिर्फ कमी की बात नहीं की, बल्कि उसके आर्थिक असर का भी मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक अगर सिलेंडर की उपलब्धता बाधित होती है तो घरेलू बजट पर दबाव बढ़ेगा, छोटे कारोबार प्रभावित होंगे और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर दिखेगा। विपक्ष इस पूरे मसले को सिर्फ सप्लाई समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक प्रबंधन की परीक्षा की तरह पेश कर रहा है।
देवरिया से BJP का जवाब: जंग हमारी नहीं, असर बाजार पर
देवरिया से BJP सांसद शशांक मणि ने कहा कि यह जंग भारत की नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से तेल की कीमतों पर दबाव आया है। उन्होंने केंद्र का रुख दोहराते हुए कहा कि भारत डी-एस्केलेशन चाहता है और ऊर्जा सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। इसी दौरान उन्होंने विपक्ष पर संसद में हंगामा करने का आरोप भी लगाया और कहा कि सरकार चर्चा को तैयार थी, मगर पूरा दिन राजनीतिक टकराव में निकल गया।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रशासनिक स्तर पर देवरिया से जो बात आई, वह थोड़ी अलग तस्वीर दिखाती है। जिला सप्लाई अधिकारी संजय कुमार पांडे ने कहा कि पिछले दिनों लगातार छुट्टियों के कारण वितरण चक्र पर दबाव जरूर बना, लेकिन फिलहाल सप्लाई पहले की तरह नियमित है। उन्होंने यह भी कहा कि ADM के साथ बैठक में आने वाले दिनों के लिए पर्याप्त गैस उपलब्धता की पुष्टि हुई है।
उनके मुताबिक असली दिक्कत यह है कि उपभोक्ताओं में घबराहट बढ़ी है और बुकिंग संख्या अचानक बढ़ने से सिस्टम पर प्रेशर आ रहा है।
होर्मुज रूट पर आशंका, केंद्र ने 2026 का नया आदेश लागू किया
केंद्र सरकार ने इस बीच एक अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य से LNG शिपमेंट में संभावित रुकावट की स्थिति को देखते हुए घरेलू रसोई गैस की सप्लाई बिना बाधा जारी रखने के लिए जरूरी वस्तु अधिनियम के तहत नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर, 2026 जारी किया है।
सरकार का यह कदम संकेत देता है कि संकट की आशंका को नीति स्तर पर पहले ही एड्रेस करने की कोशिश शुरू हो गई है। एक तरफ विपक्ष कमी और महंगाई की चेतावनी दे रहा है, दूसरी तरफ सरकार और स्थानीय अधिकारी कह रहे हैं कि स्टॉक उपलब्ध है और वितरण चल रहा है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में असली कसौटी यही रहेगी कि बढ़ी हुई बुकिंग के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं तक सिलेंडर समय पर पहुंचता है या नहीं। फिलहाल जिला स्तर पर रोजाना बुकिंग और डिलीवरी की मॉनिटरिंग के आधार पर सप्लाई चैन संभालने पर जोर है।






