उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। दरअसल आज रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के शहीद पथ स्थित नए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) मुख्यालय का लोकार्पण करेंगे। वहीं 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस भवन को आधुनिक तकनीक और तेज रिस्पॉन्स सिस्टम के साथ तैयार किया गया है। दरअसल सरकार का मानना है कि इससे बाढ़, आंधी, आग, भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बन सकेगा।
दरअसल नए मुख्यालय को केवल एक प्रशासनिक भवन के रूप में नहीं बल्कि राज्य के केंद्रीय आपदा नियंत्रण केंद्र के तौर पर विकसित किया गया है। यहां से पूरे प्रदेश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत संबंधित जिलों, राहत एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा सकेंगे।
जानिए क्या होंगी खास सुविधाएं?
बता दें कि नए मुख्यालय की सबसे बड़ी खासियत इसका 24×7 संचालित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) है। दरअसल यह सेंटर किसी भी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा की स्थिति में लगातार निगरानी करेगा और मौके की जानकारी रियल टाइम में जुटाएगा। वहीं इसके साथ ही यहां डिजिटल कमांड, कंट्रोल और कोऑर्डिनेशन सेंटर बनाया गया है जो पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, नगर विकास, बिजली और अन्य विभागों के बीच तुरंत समन्वय स्थापित करेगा। दरअसल भवन में आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम, डेटा मॉनिटरिंग, डिजिटल मैपिंग और संचार नेटवर्क जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे जिला प्रशासन और राज्य स्तर के अधिकारियों के बीच संवाद और तेज होगा।
प्रशिक्षण पर भी रहेगा खास फोकस
वहीं नया मुख्यालय केवल आपदा आने के बाद राहत कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आपदा से पहले तैयारी को मजबूत करने पर भी ध्यान देगा। दरअसल भवन में 200 से अधिक लोगों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम, प्रशिक्षण कक्ष, लेक्चर हॉल, हॉस्टल और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं बनाई गई हैं। यहां प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, राहत दलों और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे बेहतर तरीके से काम कर सकें।






