रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे की शिवसेना केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके के समर्थन में बड़ा आंदोलन कर रही है, जहां स्वयं उद्धव ठाकरे और उनके विधायक बेटे आदित्य ठाकरे मौजूद हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने नीट पेपर लीक मामले और महाराष्ट्र में टीईटी पेपर लीक को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला है, साथ ही सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके को अपना खुला समर्थन दिया है। इस विरोध प्रदर्शन में यूबीटी के विधायक, नेता, विभागप्रमुख और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए हैं, सभी ने एक स्वर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना का स्पष्ट कहना है कि नीट और टीईटी जैसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर लीक होने से हजारों-लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है, कई छात्रों ने तो इस निराशा में आत्महत्या भी कर ली है, बावजूद इसके शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। यह केंद्र और राज्य सरकार की सीधी जिम्मेदारी है कि वे छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को रोकें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। मुंबई के शिवाजी पार्क में इस आंदोलन के लिए एक विशाल मंच बनाया गया है, जिस पर उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और अन्य प्रमुख नेता अपना भाषण देंगे, जिसमें वे सरकार की विफलताओं को उजागर करेंगे।
मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
इस प्रदर्शन के मद्देनजर मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है, बड़े पैमाने पर पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है। राज ठाकरे के घर से लेकर सिद्धिविनायक मंदिर तक हर महत्वपूर्ण स्थान पर पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। आंदोलन स्थल पर बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं, जिनपर सोनम वांगचुक की बड़ी तस्वीर छापी गई है, यह उनके प्रति उद्धव ठाकरे की शिवसेना के मजबूत समर्थन को दर्शाता है। यह आंदोलन नीट पेपर लीक, टीईटी पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने का एक बड़ा प्रयास है।
उद्धव ठाकरे ने ‘राम रक्षा आंदोलन’ के जरिए भी सरकार को घेरा
यह आंदोलन सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ “राम रक्षा आंदोलन” भी चलाया था। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में कथित वित्तीय गड़बड़ी और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखे हमले बोले। उद्धव ठाकरे ने इस दौरान “बीजेपी-मुक्त” राम आंदोलन का आह्वान किया, जिसमें उन्होंने कहा कि अब राम मंदिर का आंदोलन बीजेपी के बिना चलेगा।
राम मंदिर आंदोलन में बाल ठाकरे की रही थी अहम भूमिका: उद्धव ठाकरे
नागपुर के राम मंदिर में भगवान राम के भजन गाने के बाद उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि उनके पिता और शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के समर्थन में लोगों को एकजुट करने वाले आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि अब अगला आंदोलन, जो राम मंदिर के लिए होगा, वह बीजेपी के बिना शुरू हो गया है, क्योंकि बीजेपी ने राम मंदिर को भी राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। उद्धव ठाकरे अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले पर बात कर रहे थे, जहां 25 जून को एक एफआईआर दर्ज की गई थी और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की शुरुआती जांच के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि शिवसेना (यूबीटी) विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।






