महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही अटकलों के बीच शरद पवार गुट ने पहली बार खुलकर अपना पक्ष रखा है। दरअसल बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी को न तो NDA में शामिल होने का कोई प्रस्ताव मिला है और न ही कांग्रेस या किसी अन्य दल के साथ विलय को लेकर कोई बातचीत हुई है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।
दरअसल सुप्रिया सुले ने मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि शरद पवार, जयंत पाटिल, अनिल देशमुख, राजेश टोपे या पार्टी के किसी भी वरिष्ठ नेता के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जिन खबरों में राजनीतिक समीकरण बदलने की बात कही जा रही है, उनका वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है। पार्टी फिलहाल अपने संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर काम करने में जुटी हुई है। ऐसे में गठबंधन या विलय की चर्चाएं केवल अटकलें हैं।
NDA में विलय को लेकर क्यों तेज हुई थीं चर्चाएं?
वहीं महाराष्ट्र में पिछले कुछ महीनों से बदलते राजनीतिक समीकरणों के कारण कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि शरद पवार गुट भविष्य में NDA का हिस्सा बन सकता है, जबकि कुछ खबरों में कांग्रेस के साथ विलय की संभावना जताई गई। हालांकि इन दावों की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इसी वजह से राजनीतिक हलकों में लगातार सवाल उठ रहे थे कि आने वाले चुनावों से पहले NCP (SP) किस दिशा में जाएगी।
सुप्रिया सुले ने अटकलों को खारिज किया
दरअसल सुप्रिया सुले ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ऐसा कोई विचार-विमर्श नहीं चल रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर भी किसी स्तर पर कोई बातचीत नहीं हुई है। उनका कहना था कि मीडिया में चल रही खबरों को तथ्य मान लेना सही नहीं होगा। जब तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक किसी भी तरह के राजनीतिक बदलाव की बात करना जल्दबाजी होगी।
शरद पवार का जिक्र किया
वहीं सुप्रिया सुले ने अपने पिता शरद पवार का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा एक बात कहते हैं कि राजनीति में अगर आपकी चर्चा हो रही है, तो इसका मतलब है कि आपकी मौजूदगी और प्रभाव अभी भी बना हुआ है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि शायद यही वजह है कि उनकी पार्टी को लेकर लगातार चर्चाएं होती रहती हैं।






