देशभर में धार्मिक संस्थानों की वित्तीय पारदर्शिता पर उठते सवालों के बीच, मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में स्थित तीर्थनगरी ओंकारेश्वर ने एक नई और महत्वपूर्ण मिसाल पेश की है। यहां के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिरों में बीते पंद्रह दिनों में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक चढ़ाए गए 27 लाख 58 हजार 165 रुपये के दान का पूरा और विस्तृत हिसाब सार्वजनिक किया गया है।
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब देश के कई अन्य धार्मिक संस्थानों में वित्तीय अनियमितताओं की खबरें लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट और ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति ने भक्तों के अटूट विश्वास को बनाए रखने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दान पेटियों की विधिवत गिनती कर प्राप्त राशि का प्रत्येक विवरण साझा किया है, जिससे श्रद्धालुओं में एक सकारात्मक संदेश गया है और मंदिर प्रशासन की जवाबदेही स्पष्ट हुई है।
15 दिन में ममलेश्वर मंदिर की दान पेटियों में आए 6.71 लाख रुपये
ममलेश्वर मंदिर की कुल पांच दान पेटियां बीते 16 जुलाई को सुबह खोली गईं। इन दान पात्रों में 2 जुलाई से लेकर 16 जुलाई तक, यानी ठीक पंद्रह दिनों की अवधि में, कुल 6 लाख 71 हजार 865 रुपये की महत्वपूर्ण दान राशि जमा हुई थी। इस पूरी राशि की गणना तहसीलदार, जिला कोषालय अधिकारी के प्रतिनिधि, मंदिर के समर्पित कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों की विशेष मौजूदगी में अत्यंत पारदर्शिता और सावधानी के साथ की गई।
मंदिर प्रबंधन समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए ममलेश्वर मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भविष्य में बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष मंदिर प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। दान पेटियों से प्राप्त इस महत्वपूर्ण राशि का उपयोग सीधे तौर पर मंदिर परिसर में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विकास और विस्तार पर किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दान राशि से मंदिर परिसर में बढ़ाई जा रही श्रद्धालुओं की सुविधाएं
समिति के अनुसार, इस 6 लाख 71 हजार 865 रुपये की दान राशि से मंदिर परिसर में दान राशि की सुरक्षित गणना के लिए एक मजबूत टीन शेड, भगवान की मूर्तियों को सुरक्षित रखने हेतु विशेष शेड, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्टील रेलिंग, आधुनिक सीसीटीवी कैमरे की स्थापना, स्वच्छ शौचालय और सुविधाघर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान और अन्य दैनिक व आवश्यक कार्यों पर भी यह राशि पूरी जिम्मेदारी के साथ खर्च की जा रही है, जिससे मंदिर का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके।
ओंकारेश्वर मंदिर की सात दान पेटियों से निकले 20.86 लाख रुपये
इसी महत्वपूर्ण क्रम में, श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के भी कुल सात दान पात्रों को शनिवार के दिन खोला गया। इन दान पेटियों से भी 20 लाख 86 हजार 300 रुपये की एक बड़ी और उल्लेखनीय दान राशि प्राप्त हुई। ओंकारेश्वर मंदिर में भी दान राशि की गणना तहसीलदार, पटवारी, मंदिर के सहायक कार्यपालन अधिकारी, बैंक कर्मचारियों और मंदिर के अन्य अनुभवी कर्मचारियों की सामूहिक उपस्थिति में पूरी निष्पक्षता और सटीकता के साथ संपन्न हुई, जिससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रही।
ओंकारेश्वर-ममलेश्वर मंदिर से मिला 27.58 लाख रुपये का दान
दोनों प्रमुख मंदिरों, पवित्र ओंकारेश्वर और ममलेश्वर, में प्राप्त कुल दान राशि को एक साथ मिलाकर देखें तो, महज पंद्रह दिनों की छोटी सी अवधि में ही श्रद्धालुओं ने कुल 27 लाख 58 हजार 165 रुपये का एक विशाल और प्रेरणादायक दान किया है। मंदिर प्रबंधन का यह स्पष्ट और दृढ़ कहना है कि दान में मिली इस बहुमूल्य राशि का उपयोग पूरी तरह से श्रद्धालुओं की सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि करने और मंदिर परिसर के चहुंमुखी विकास कार्यों पर ही केंद्रित रहेगा। यह पारदर्शी पहल न केवल मंदिर प्रशासन की विश्वसनीयता और जवाबदेही को मजबूती से दर्शाती है, बल्कि इससे भक्तों का मंदिरों के प्रति विश्वास और भी गहरा हुआ है, जो भविष्य में अधिक दान और सहयोग के लिए प्रेरित करेगा।





