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देश का अन्नदाता मिट गया, तो इंसानियत भी मिट जाएगी, संजय सिंह ने दादरी में भरी हुंकार

Written by:Saurabh Singh
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संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार के पास किसानों के कर्ज माफी, फसल का उचित दाम, या खाद और सिंचाई के लिए संसाधन देने के लिए पैसे नहीं हैं।
देश का अन्नदाता मिट गया, तो इंसानियत भी मिट जाएगी, संजय सिंह ने दादरी में भरी हुंकार

गौतमबुद्धनगर के दादरी में रविवार को श्री राम पैलेस में आम आदमी पार्टी (आप) उत्तर प्रदेश के प्रभारी और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की उपस्थिति में आप ‘किसान प्रकोष्ठ’ के अध्यक्ष कमांडो अशोक के नेतृत्व में एक विशाल किसान जनसभा का आयोजन किया गया। संजय सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश का अन्नदाता आज खाद की बोरी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होने को मजबूर है। उन्होंने बताया कि कई जगह महिला किसान कतारों में बेहोश हो गईं, एक किसान को दिल का दौरा पड़ा, और एक ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने सरकार की नीतियों को नाकाम बताते हुए कहा कि समय पर खाद न मिलने से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही।

संजय सिंह ने कहा कि अगर देश का अन्नदाता मिट गया, तो इंसानियत भी मिट जाएगी, क्योंकि अनाज किसान ही देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय किसानों ने मेहनत से इतना अनाज पैदा किया है कि वे न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया का पेट भर सकते हैं। फिर भी, सरकार ने पहले काले कृषि कानून लाए और अब खाद के लिए किसानों को घंटों लाइनों में खड़ा होने को मजबूर किया है। उन्होंने हजारों किसानों, नौजवानों और आम जनता से अपील की कि वे इस अन्याय के खिलाफ एकजुट हों, क्योंकि किसान देश की रीढ़ हैं।

सही आजादी के लिए जरूरी कदम

संजय सिंह ने स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए कहा कि सच्ची आजादी तब होगी, जब किसान खुशहाल हों, नौजवान रोजगार पाएं, महिलाएं सुरक्षित हों, और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने जो ताकत दी, उसका उपयोग देश को आगे बढ़ाने में करना चाहिए। अगर सरकार इसका दुरुपयोग करेगी, तो आप का हर कार्यकर्ता उनके खिलाफ खड़ा होगा। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं को गलत ठहराते हुए गरीबों और किसानों के हक की बात उठाई।

पूंजीपतियों को लाभ, किसानों की अनदेखी

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार के पास किसानों के कर्ज माफी, फसल का उचित दाम, या खाद और सिंचाई के लिए संसाधन देने के लिए पैसे नहीं हैं, क्योंकि सारा पैसा पूंजीपतियों के 11 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ करने में खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों के दो-तीन लाख करोड़ रुपये माफ कर दे, तो किसान उनकी सराहना करेंगे। इसके बजाय, सरकार 82 करोड़ लोगों को 5 किलो राशन देकर संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और सड़कें बनाकर पूंजीपतियों को सौंप दी जा रही हैं, लेकिन किसानों के लिए कुछ नहीं किया जा रहा। संजय सिंह ने चेतावनी दी कि गरीबों का शोषण करने वालों को सत्ता से हटना होगा।

Saurabh Singh
लेखक के बारे में
राजनीति में गहरी रुचि. खबरों के विश्लेषण में तेज और राजनीतिक परिस्थितियों की समझ रखते हैं. देश-दुनिया की घटनाओं पर बारीक नजर और फिर उसे खबरों के रूप में लिखने के शौकीन हैं. View all posts by Saurabh Singh
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