Hindi News

‘राहुल-प्रियंका गांधी माफी मांगें..’, मोहन भागवत की गिरफ्तारी के दावे पर जमकर बरसे BJP सांसद दिनेश शर्मा

Written by:Saurabh Singh
Published:
बीजेपी सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से सामूहिक माफी की मांग की है।
‘राहुल-प्रियंका गांधी माफी मांगें..’, मोहन भागवत की गिरफ्तारी के दावे पर जमकर बरसे BJP सांसद दिनेश शर्मा

मालेगांव बम धमाके से जुड़ी जांच को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस बार वजह बने हैं एटीएस के पूर्व अधिकारी महबूब मुजावर, जिन्होंने दावा किया है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए थे। इस दावे के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है।

राहुल-प्रियंका को मांगनी चाहिए माफी

बीजेपी सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से सामूहिक माफी की मांग की है। उन्होंने कहा,

“अब सामूहिक माफी कार्यक्रम होना चाहिए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को माफी मांगनी चाहिए। उनकी सनातन और राष्ट्रवाद को बदनाम करने की साजिश थी। संघ और उसके पदाधिकारी हमेशा राष्ट्रवादी रहे हैं, इसलिए वे कांग्रेस के निशाने पर रहते हैं।”

महबूब मुजावर का दावा?

पूर्व एटीएस अधिकारी महबूब मुजावर ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि मालेगांव धमाके की जांच के दौरान उनसे मोहन भागवत को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया था, ताकि ‘भगवा आतंकवाद’ की थ्योरी को साबित किया जा सके।

मुजावर ने कहा,

“मेरी क्षमता से बाहर था कि मैं मोहन भागवत जैसी बड़ी हस्ती को पकड़ सकूं। जब मैंने आदेश का पालन नहीं किया, तो मेरे खिलाफ झूठा केस बना दिया गया। इससे मेरा 40 साल का करियर बर्बाद हो गया।”

उन्होंने ये भी कहा कि अदालत का फैसला एटीएस के कथित फर्जीवाड़े को नकारता है। गौरतलब है कि मालेगांव धमाके की जांच शुरू में एटीएस ने की थी, लेकिन बाद में केस एनआईए को सौंपा गया।

इमरान मसूद का जवाब

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये बकवासबाजी है। सारे अधिकारी चम्मचबाज़ी कर रहे हैं। अगर सरकार की तरफ से दबाव डाला गया था तो उस वक्त क्यों नहीं बोला गया? अब क्यों याद आ रही है? आर के सिंह उस वक्त होम सेक्रेटरी थे, वही सारा नेरेटिव गढ़ रहे थे।

Saurabh Singh
लेखक के बारे में
राजनीति में गहरी रुचि. खबरों के विश्लेषण में तेज और राजनीतिक परिस्थितियों की समझ रखते हैं. देश-दुनिया की घटनाओं पर बारीक नजर और फिर उसे खबरों के रूप में लिखने के शौकीन हैं. View all posts by Saurabh Singh
Follow Us :GoogleNews