उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में 72 टन प्रतिवर्ष क्षमता वाली ‘ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना’ का उद्घाटन किया, जो 500 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी। इसके बाद उन्होंने एक निजी अस्पताल का लोकार्पण किया और इस अवसर पर कहा कि गोरखपुर में अब उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं और धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं के साथ-साथ आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से आम नागरिकों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण कर सुविधाओं का जायजा लिया और ‘रीजेंसी माई केयर’ पेशेंट ऐप भी लॉन्च किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले महंगी स्वास्थ्य सुविधाएं गरीबों के लिए दुर्लभ थीं, लेकिन अब ये सहज उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने साढ़े पांच करोड़ लोगों को आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया है। जिन लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाता, उनके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष और विधायकों की निधि से सहायता दी जाती है। योगी ने जोर देकर कहा कि यदि आयुष्मान योजना की राशि कम पड़ती है, तो मुख्यमंत्री राहत कोष और जनप्रतिनिधियों की निधि से पूरी मदद की जाएगी।
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विधायकों की निधि से 25 लाख रुपये तक की चिकित्सा
पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री राहत कोष से 1100 करोड़ रुपये इलाज के लिए दिए गए हैं। योगी ने कहा कि पहले ऐसी सुविधाएं सीमित थीं और ‘पिक एंड चूज’ के आधार पर चेहरा देखकर दी जाती थीं। अब सरकार का लक्ष्य बिना भेदभाव के सभी को सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विधायकों को उनकी निधि से 25 लाख रुपये तक की चिकित्सा सहायता देने का अधिकार दिए जाने की बात भी दोहराई। मुख्यमंत्री ने जनता के साथ हर समय खड़ी रहने वाली सरकार के दृष्टिकोण पर बल दिया।
बेहतरीन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। गोरखपुर में यह दोनों परियोजनाएं शहर के विकास और नागरिकों की बेहतरी के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।