फिरोजाबाद के एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर-2’ देखने के बाद इसे देशभक्ति की फिल्म बताया है। उन्होंने अपने साथी पुलिसकर्मियों के साथ शुक्रवार को यह फिल्म देखी और फिर पत्रकारों से बात की। उनके बयान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी साझा किया गया है। चौधरी ने साफ कहा कि यह फिल्म देशहित और आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है और युवाओं में राष्ट्रप्रेम व जिम्मेदारी की भावना बढ़ाती है।
फिल्म ‘धुरंधर-2’ माफिया अतीक अहमद के किरदार को दिखाए जाने के बाद से लगातार चर्चा में है। इस विवाद के बीच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का यह बयान काफी अहमियत रखता है। एएसपी अनुज चौधरी ने कहा कि यह फिल्म उन देशभक्तों के लिए है जो बिना वर्दी के अपने देश के लिए प्राण न्योछावर करते हैं। उनके मुताबिक, ‘धुरंधर-2’ उन ‘धुरंधरों’ को समर्पित है जो देश को ही अपना सबकुछ मानते हुए उसकी सेवा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म में किसी भी तरह की जाति या धर्म की बात नहीं है, यह सिर्फ देशभक्ति पर आधारित है।
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“आज Durandhar-2 मूवी देखने का अवसर मिला। फिल्म देशहित और आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है। ऐसी फिल्में युवाओं में राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना बढ़ाती हैं।” (एएसपी अनुज चौधरी)
एएसपी अनुज चौधरी ने जोर देकर कहा कि इस फिल्म को सभी राष्ट्र प्रेमी लोगों को देखना चाहिए क्योंकि यह बहुत अच्छी फिल्म है। उन्होंने कहा, “ये फिल्म उन देशभक्तों के लिए जो बिना वर्दी के अपने देश के लिए प्राण न्योछावर करते हैं। उन धुरंधरों के लिए है जो देश को ही सबकुछ मानते हुए देश की सेवा करते हैं। इस फिल्म में किसी भी तरह की जाति धर्म की बात नहीं है। ये सिर्फ देशभक्ति की फिल्म है जो राष्ट्र प्रेमी लोग है उन सबको देखनी चाहिए और बहुत अच्छी फ़िल्म है।”
फिल्म में अतीक अहमद के किरदार को लेकर जो विवाद चल रहा है, उस पर भी एएसपी अनुज चौधरी ने खुलकर अपनी बात रखी। पत्रकारों ने जब उनसे इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने पलटकर पूछा, “क्या अतीक अहमद कोई राष्ट्रभक्त था या राष्ट्र प्रेमी था?” उन्होंने आगे कहा कि अगर उसका विरोध हो रहा है तो यह समझना चाहिए कि वह एक अपराधी था और पुलिस जांच में भी यह बात सामने आ चुकी है। जैसा वह था और उसने पुलिस के सामने जो कबूलनामा किया है, फिल्म में उसे उसी तरह से दिखाया गया है।
चौधरी ने अतीक अहमद को सिर्फ अपराधी ही नहीं, बल्कि देशद्रोही भी बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में अतीक को जैसा दिखाया गया है, उससे बेहतर क्या दिखाया जा सकता था? उन्होंने सवाल उठाया कि कोई इस फिल्म का विरोध क्यों कर रहा है, उसे इस पर मंथन करना चाहिए और समझना चाहिए। उनके अनुसार, “यह फिल्म जो सच्चा देशभक्त होगा, देश को प्यार करने वाला होगा, उन सभी को देखनी चाहिए।”
अतीक एक अपराधी और देशद्रोही था
एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब फिल्म को लेकर विभिन्न हलकों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। उनका यह रुख साफ तौर पर उन लोगों के लिए एक संदेश है जो फिल्म में अतीक के चित्रण को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी के तौर पर उनका यह कहना कि अतीक एक अपराधी और देशद्रोही था, फिल्म के निर्माताओं के पक्ष को मजबूत करता है और उसे एक तार्किक आधार देता है।
उन्होंने फिल्म की कहानी के बारे में भी बताया कि इसमें कोई जाति या धर्म की बात नहीं है। यह सिर्फ दो देशों की कहानी है, जहां एक ओर विरोधी देश अपने प्रयासों में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर हमारे देश के जवान अपनी मातृभूमि की बेहतरी के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। यह फिल्म दर्शाती है कि कैसे हमारे सुरक्षा बल और देशप्रेमी नागरिक देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए हर चुनौती का सामना करते हैं।
अनुज चौधरी ने अपने बयान से यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि फिल्म का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रवाद और देशप्रेम की भावना को बढ़ावा देना है, न कि किसी खास समुदाय या व्यक्ति को निशाना बनाना। उनका मानना है कि फिल्म का संदेश सार्वभौमिक है और यह उन सभी के लिए है जो देश के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। यह बयान दिखाता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां किस तरह से देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं।
इस पूरे मामले में, एएसपी अनुज चौधरी का सीधे तौर पर अतीक अहमद को अपराधी और देशद्रोही कहना और फिल्म का बचाव करना, समाज में एक नई बहस को जन्म दे सकता है। उनका यह कदम उन लोगों के लिए एक कड़ा जवाब है जो अपराधियों के महिमामंडन या उनके चित्रण पर सवाल उठाते हैं। यह दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन की नजर में अपराधी का कोई धर्म या जाति नहीं होती, वह सिर्फ अपराधी होता है।
सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही
फिल्म ‘धुरंधर-2’ की रिलीज के बाद से ही उसे लेकर सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग जहां फिल्म को वास्तविकता के करीब बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे विवादित मान रहे हैं। ऐसे में एएसपी चौधरी का यह बयान फिल्म के प्रति एक सकारात्मक माहौल बनाने में मदद कर सकता है, खासकर उन दर्शकों के बीच जो पुलिस और देशभक्ति के नजरिए से चीजों को देखते हैं। यह बयान उन लोगों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है जो अपराधियों के मानवीय पक्ष को उजागर करने की कोशिश करते हैं।
कुल मिलाकर, फिरोजाबाद एएसपी अनुज चौधरी का यह बयान सिर्फ एक फिल्म की समीक्षा से कहीं बढ़कर है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और देशद्रोह जैसे गंभीर मुद्दों पर एक पुलिस अधिकारी का दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, साथ ही यह भी बताता है कि देश के लिए बलिदान देने वालों का सम्मान कितना महत्वपूर्ण है। उनका यह आह्वान कि सच्चे देशभक्तों को यह फिल्म देखनी चाहिए, फिल्म के संदेश को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।