अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। दरअसल जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच अब नेताओं के बयान भी चर्चा का विषय बन गए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार पूरी गंभीरता से जांच करा रही है और सच सामने लाया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के बाद पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा तथा यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
दरअसल गिरिराज सिंह ने अपने बयान में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को सनातन का समर्थक बताकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक सरकार का उद्देश्य किसी भी तरह की गड़बड़ी को छिपाना नहीं बल्कि जांच के जरिए पूरी सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी: गिरिराज सिंह
वहीं राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन गया है। गिरिराज सिंह ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वही अब खुद को सबसे बड़ा रामभक्त बताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
विपक्ष भी सरकार पर हमलावर
दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस मामले में अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था और अब वह यह जानना चाहते हैं कि उस धन का उपयोग किस तरह किया गया। उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है ताकि दान से जुड़े रिकॉर्ड और खर्च का पूरा ब्यौरा सामने आ सके। कांग्रेस का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।






