उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को 1607 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस निवेश के तहत देवरिया, शाहजहांपुर, गौतमबुद्धनगर और फर्रुखाबाद में चार नई कंपनियां स्थापित होंगी। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि इन कंपनियों को जल्द ही लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किए जाएंगे, जो औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे। यह कदम राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
फर्रुखाबाद में वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स कंपनी 570 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कंपनी बीयर, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल और भारतीय मेड फॉरेन लिकर के उत्पादन के लिए संयंत्र स्थापित करेगी, जिसका उत्पादन सितंबर 2026 से शुरू होगा। गौतमबुद्धनगर के दादरी में ओकासगंगा एग्रीटेक 510.20 करोड़ रुपये के निवेश से अनाज मिल, स्टार्च और बेकरी उत्पादों का संयंत्र लगाएगी, जहां दिसंबर 2025 से उत्पादन शुरू होगा। ये परियोजनाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाएंगी।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां
शाहजहांपुर में वाईटीटी इंडस्ट्रीज 277.86 करोड़ रुपये के निवेश से अनाज आधारित एथेनॉल और पोल्ट्री चारे का उत्पादन करेगी। वहीं, देवरिया में फॉरएवर डिस्टिलरी एथेनॉल और एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल के उत्पादन के लिए अपने संयंत्र का विस्तार करेगी, जिसका उत्पादन अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। इन निवेशों से न केवल औद्योगिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।
आउटसोर्सिंग माध्यम से सेवा की शर्तों
इसके अलावा, यूपी कैबिनेट ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 16,000 से 20,000 रुपये मासिक वेतन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम के माध्यम से सेवा शर्तों में सुधार और आरक्षण बढ़ाने का निर्णय लिया गया। यह निगम सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल के जरिए सेवा प्रदाताओं का चयन करेगा। इन कदमों से राज्य में औद्योगिक और प्रशासनिक ढांचा और मजबूत होगा।





