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मेरठ नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा; भाजपा पार्षद ने दिखाया नगर आयुक्त का वायरल फोटो, विपक्ष ने लहराए बैनर

Written by:Saurabh Singh
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बोर्ड बैठक शुरू होने पर भी माहौल तनावपूर्ण रहा। भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम में काम नहीं हो रहे और ठेकेदार अतुल दीक्षित से सांठगांठ है।
मेरठ नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा; भाजपा पार्षद ने दिखाया नगर आयुक्त का वायरल फोटो, विपक्ष ने लहराए बैनर

मेरठ में नगर निगम की बोर्ड बैठक से पहले सफाई कर्मचारी यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार के बाहर यूनियन अध्यक्ष विनेश मनोठिया के नेतृत्व में सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने महापौर और नगर आयुक्त का घेराव किया। कर्मचारियों ने कहा कि 40 साल से नियमित भर्ती नहीं हुई, जबकि शहर की आबादी के हिसाब से 8,400 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन वर्तमान में केवल 2,950 कर्मचारी हैं। उन्होंने 5,400 और कर्मचारियों की भर्ती, आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने और नियमित भर्ती का वादा पूरा करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान अटल सभागार के बाहर सफाई कर्मचारी नेता सुरेश रिछपाल अचानक सीने में दर्द के कारण बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत सभागार में लाकर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की। अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने उन्हें सरकारी वाहन से मेडिकल कॉलेज भिजवाया। इस घटना के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन कर्मचारियों ने कम वेतन और खराब कार्य परिस्थितियों की शिकायत उठाई, जिसमें आठ घंटे काम के लिए नाममात्र का वेतन मिलने की बात शामिल थी।

बोर्ड बैठक में पार्षदों का हंगामा

बोर्ड बैठक शुरू होने पर भी माहौल तनावपूर्ण रहा। भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम में काम नहीं हो रहे और ठेकेदार अतुल दीक्षित से सांठगांठ है। उन्होंने एक वायरल तस्वीर दिखाई, जिसमें ठेकेदार नगर आयुक्त के सिर पर हाथ रखते नजर आ रहे हैं। इसके बाद नगर आयुक्त सहित सभी अधिकारी सदन से बाहर चले गए। दूसरी ओर, विपक्षी मुस्लिम पार्षदों फजल करीम, रिजवान अंसारी और नाजरीन ने बढ़े हुए गृहकर और अन्य समस्याओं के खिलाफ बैनर लहराए, जिसे भाजपा पार्षदों ने छीन लिया। इस नोकझोंक के बीच सुबह 11:30 बजे शुरू होने वाली बैठक दोपहर 12:48 तक शुरू नहीं हो सकी।

महापौर ने दिया आश्वासन, बैठक स्थगित

महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने सफाई कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा और पत्र लिखा जाएगा। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने स्पष्ट किया कि नियमित भर्ती और आउटसोर्सिंग खत्म करने का निर्णय शासन स्तर पर होगा। उन्होंने कहा कि मानक के अनुसार भर्ती का प्रस्ताव पहले भी भेजा गया था और इसे फिर से भेजा जाएगा। हालांकि, हंगामे के कारण बैठक बाधित रही और आधे घंटे तक अधिकारी वापस न लौटने पर महापौर ने बैठक स्थगित कर दी। गृहकर के मुद्दे पर महापौर ने कहा कि इसे देना अनिवार्य है, जिसका विपक्षी पार्षदों ने विरोध किया।

Saurabh Singh
लेखक के बारे में
राजनीति में गहरी रुचि. खबरों के विश्लेषण में तेज और राजनीतिक परिस्थितियों की समझ रखते हैं. देश-दुनिया की घटनाओं पर बारीक नजर और फिर उसे खबरों के रूप में लिखने के शौकीन हैं. View all posts by Saurabh Singh
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