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आंबेडकर जयंती पर दलित वोट साधने में जुटे राजनीतिक दल, बसपा का लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन, भाजपा-सपा के गांव-गांव कार्यक्रम

Written by:Banshika Sharma
Published:
आंबेडकर जयंती पर दलित वोटों को लुभाने के लिए मंगलवार को राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंकेंगे। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन करेगी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने शहर से लेकर गांव-गांव तक अपने कार्यक्रम फैला दिए हैं।
आंबेडकर जयंती पर दलित वोट साधने में जुटे राजनीतिक दल, बसपा का लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन, भाजपा-सपा के गांव-गांव कार्यक्रम

आंबेडकर जयंती के मौके पर दलित वोटों को साधने के लिए राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इस अवसर पर बहुजन समाज पार्टी लखनऊ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने शहरों से लेकर गांव-गांव तक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। कांग्रेस भी अलग-अलग जगहों पर आयोजन कर रही है। इससे साफ है कि दलित मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए सभी दल सक्रिय हो गए हैं।

डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती के मौके पर दलित समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दल विशेष कार्यक्रम कर रहे हैं। ये आयोजन सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव और सेक्टर स्तर तक पहुंच गए हैं। इससे यह भी पता चलता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित मतदाताओं की कितनी अहम भूमिका है।

बसपा ने दिए आंबेडकर स्मारक पहुंचने के निर्देश

बहुजन समाज पार्टी ने राजधानी लखनऊ में आंबेडकर सभागार को अपने शक्ति प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बनाया है। यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटेंगे। पार्टी प्रमुख मायावती ने कार्यकर्ताओं को अपने परिवार के साथ आंबेडकर स्मारक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। इस कार्यक्रम में किसी नेता का भाषण नहीं रखा गया है। बसपा की रणनीति यह है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के जरिए अपनी ताकत दिखाई जाए। कार्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं का लखनऊ पहुंचना सोमवार से ही शुरू हो गया था। मायावती खुद अपने आवास पर डा. आंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगी।

भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम पर डालें नजर

भारतीय जनता पार्टी भी इस मौके को खास बनाने में लगी हुई है। भाजपा ने प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में डा. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कार्यक्रम तय किए हैं। इसके जरिए पार्टी दलित समाज को सम्मान देने का संदेश देना चाहती है। इसके साथ ही भाजपा 13 अप्रैल से 16 अप्रैल तक हर विधानसभा क्षेत्र में ‘युवा संवाद संगम’ कार्यक्रम भी चला रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आंबेडकर के विचारों से जोड़ने और पार्टी से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

समाजवादी पार्टी ने भी बनाया प्लान

समाजवादी पार्टी ने भी इस बार अपने कार्यक्रमों का दायरा बढ़ा दिया है। सपा ने प्रदेश मुख्यालय और जिला कार्यालयों के साथ-साथ गांव और सेक्टर स्तर पर भी आंबेडकर जयंती मनाने का फैसला किया है। पिछले साल सपा ने सिर्फ मुख्यालय और जिला स्तर पर ही कार्यक्रम किए थे, लेकिन इस बार पार्टी सीधे गांवों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इन आयोजनों में संविधान और डा. आंबेडकर के विचारों पर चर्चा की जाएगी। इसके जरिए सपा दलित समुदाय को यह संदेश देना चाहती है कि वह उनके अधिकारों और मूल्यों के साथ खड़ी है।

कांग्रेस भी इस मौके पर पीछे नहीं रहना चाहती। पार्टी की ओर से प्रदेश के कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हालांकि अन्य दलों की तरह उनके कार्यक्रमों का पूरा विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन यह साफ है कि कांग्रेस भी दलित मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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