बीजेपी विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के आरोपों के जवाब में लखनऊ नगर निगम ने दावा किया है कि सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 256 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। विधायक द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में शहर की बदहाली और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने के बाद, नगर निगम ने विकास कार्यों की विस्तृत सूची तैयार कर नगर विकास मंत्री एके शर्मा और प्रमुख सचिव को सौंपी। इस सूची को एक बुकलेट के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने 27 अगस्त को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर लखनऊ में जलभराव, टूटी सड़कों और जाम नालियों जैसी समस्याओं को उजागर किया था। उन्होंने सरोजनीनगर, आलमबाग, राजाजीपुरम, चारबाग, इंदिरा नगर, गोमती नगर विस्तार और हजरतगंज जैसे क्षेत्रों में बार-बार जलभराव की स्थिति का जिक्र किया। विधायक ने नगर निगम और नगर विकास विभाग को लापरवाह और अक्षम बताते हुए उनकी कार्यप्रणाली की तत्काल समीक्षा की मांग की थी। हिंदुस्तान की जांच में इन समस्याओं को जायज पाया गया था।

सरोजनीनगर में सबसे अधिक बजट खर्च

नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने विधायक के पत्र के वायरल होने के बाद नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में नगर निगम ने सरोजनीनगर में तीन वर्षों में हुए 256 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का विवरण तैयार किया। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि यह सूची नगर विकास मंत्री और प्रमुख सचिव को भेजी गई है। उन्होंने दावा किया कि सरोजनीनगर में सबसे अधिक बजट खर्च किया गया है और भविष्य में और विकास कार्यों की योजना तैयार की जा रही है।

नगर निगम की सक्रियता को दर्शाने का प्रयास

नगर निगम ने अपनी रिपोर्ट में सड़कों, नालियों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित कार्यों का उल्लेख किया है। यह जवाब विधायक के आरोपों को संबोधित करने और नगर निगम की सक्रियता को दर्शाने का प्रयास है। हालांकि, शहर में जलभराव और अन्य समस्याओं का समाधान कितना प्रभावी होगा, यह भविष्य के कार्यों और प्रशासन की जवाबदेही पर निर्भर करेगा।