उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में एक राज्य कर अधिकारी (एसटीओ) को फैक्ट्री मालिक से 50 लाख रुपये रिश्वत मांगना भारी पड़ गया। आरोपी अफसर हिमांशु सुधीर लाल को सस्पेंड कर झांसी अटैच कर दिया गया है। मामला तब खुला जब उद्योगपतियों ने मंत्री से मिलकर शिकायत की। योगी सरकार के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए और रिपोर्ट आने के बाद बड़ी कार्रवाई हुई।
क्या है पूरा मामला?
मुजफ्फरनगर के शेरनगर में स्थित श्री सनमति एक्ज़ाइम इंडिया प्रा. लि. के मालिक राजेश जैन ने आरोप लगाया कि राज्य कर अधिकारी हिमांशु सुधीर लाल ने छापे की धमकी देकर 50 लाख रुपये की मांग की। साथ ही हर महीने सुविधा शुल्क देने का दबाव बनाया गया। ये मामला इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) तक पहुंचा। चेयरमैन अमित जैन के नेतृत्व में कई उद्यमी संयुक्त आयुक्त सिद्धेश दीक्षित से मिले। इसी शिकायत के आधार पर संयुक्त आयुक्त ने जांच की और रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई।
मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने क्या कहा?
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस पूरे मामले को ‘शर्मनाक’ बताते हुए कहा कि योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने साफ कहा,
“मैं जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि यूपी में कोई अधिकारी किसी व्यापारी के साथ उत्पीड़न या गुंडागर्दी नहीं कर सकता।”
सिर्फ सस्पेंशन नहीं, जेल भेजो
आईआईए और व्यापार मंडल के लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए मांग की है कि आरोपी अधिकारी को जेल भेजा जाए। पूर्व विधायक अशोक कंसल के नेतृत्व में व्यापारियों ने दोबारा ज्वाइंट कमिश्नर से मुलाकात की और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह के नेतृत्व में व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन डीएम उमेश मिश्रा को सौंपा। इसमें आरोपी अधिकारी की संपत्तियों की जांच कराने और अन्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की गई।
क्या बोले अफसर?
ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेश दीक्षित ने बताया कि राज्य कर अधिकारी हिमांशु सुधीर लाल को जांच रिपोर्ट के आधार पर सस्पेंड कर दिया गया है। जब तक पूरी जांच नहीं होती, तब तक वह झांसी जीएसटी कार्यालय से अटैच रहेंगे।





