समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम काटे जाने का गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम और यादव समुदाय के मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं। डिंपल ने लोकसभा में कहा कि मैनपुरी में न केवल मृतकों, बल्कि जीवित लोगों के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, और कई मामलों में जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर उनके वोट काटे गए हैं।
सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने इस मुद्दे पर तीखा विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के निर्देशों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर काम करने के लिए चुनिंदा लोगों को बीएलओ बनाया जा रहा है। शाक्य ने कहा कि यह कदम मतदाता सूची में हेरफेर करने की साजिश का हिस्सा है, जिसके खिलाफ सपा लगातार विरोध कर रही है।
सपा ने की कार्रवाई की मांग
डिंपल यादव ने बताया कि सपा ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की सूची और हजारों शपथ पत्र चुनाव आयोग को सौंपे हैं। मैनपुरी सदर विधानसभा से ही करीब तीन हजार एफिडेविट दाखिल किए गए हैं, जिनमें लोगों ने शपथ ली है कि उनके वोट बिना किसी वैध कारण के काटे गए हैं। सपा ने इस मामले में सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है, साथ ही इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।
मतदाताओं के लिए मतदान में आ रही कठिनाई
सांसद डिंपल यादव ने यह भी खुलासा किया कि कुछ मतदाताओं के वोट न केवल काटे गए, बल्कि उनके मतदान केंद्रों को उनके निवास स्थान से 20 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे मतदाताओं को वोट डालने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सपा ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई और प्रभावित मतदाताओं के अधिकारों की बहाली की मांग की है।





