लखनऊः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री मोदी के इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सात नए एयरपोर्ट में से छह बंद पड़े हैं और इसकी वजह भाजपा सरकार का भ्रष्ट प्रबंधन है।
प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर बोला हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में उस पुरानी राजनीतिक सोच पर हमला किया जिसने नोएडा को पीछे छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि यह इलाका कभी अंधविश्वास और राजनीतिक कायरता की वजह से विकास की दौड़ में पिछड़ गया था। प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि नोएडा को अंधविश्वास की वजह से उसके हाल पर छोड़ दिया गया था। उनका इशारा उस पुरानी धारणा की तरफ था कि नोएडा जाना सत्ता में बैठे लोगों के लिए अपशगुन होता है, और ऐसा करने से उनकी कुर्सी जा सकती है। इसी डर से पहले के शासक अपनी कुर्सी खोने से इतना डरते थे कि वे यहां आने से पूरी तरह बचते थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस संबंध में एक निजी किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया, “मुझे याद है, जब सपा की सरकार थी और मैंने नोएडा जाने का प्लान बनाया था।” प्रधानमंत्री ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री इतने घबरा गए थे कि उन्होंने न सिर्फ उस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, बल्कि मुझे भी वहां न जाने के लिए मनाने की कोशिश की। प्रधानमंत्री मोदी ने विस्तार से बताया, “उन्होंने कहा था, ‘मोदी जी, नोएडा मत जाइए, आप अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हैं।’ मैंने उनसे कहा, ‘मैं उस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो मुझे आने वाले लंबे समय तक देश की सेवा करने का मौका देगी।” यह किस्सा सुनाकर प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों के फैसलों पर सवाल उठाया और नोएडा के विकास के प्रति भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर किया।
पीएम मोदी के बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार
प्रधानमंत्री मोदी के बयानों पर सपा नेता अखिलेश यादव ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, “हमारे प्रदेश में मेहमान बनकर आए हैं, हम उनको मेहमान मानकर ही सम्मान सहित विदा करेंगे।” अखिलेश यादव ने आगे कहा कि “जाने वालों की बात का बुरा नहीं माना जाता है। जब हार साक्षात् दिखने लगती है तो इंसान को न अपने पद का मान रहता है, न ही अपने कथन पर नियंत्रण।” उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि “उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कार में है और हमेशा रहेगा।” अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के बयानों को आगामी चुनावों में भाजपा की संभावित हार से जोड़ा, यह दिखाते हुए कि भाजपा के नेता अपनी हार को पहले से भांप चुके हैं।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के विकास के दावों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने सात नए हवाई अड्डे बनाए जाने का दावा किया था, लेकिन उनमें से छह हवाई अड्डे आज बंद पड़े हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इन हवाई अड्डों के बंद होने की मुख्य वजह भाजपा सरकार का भ्रष्ट प्रबंधन है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन परियोजनाओं का निर्माण केवल ‘अपनों को ठेके बांटकर’ और कमाई करने के लिए किया जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का मकसद न तो कोई हवाई अड्डा चलाना है, न उड़ान योजना में कोई हवाई जहाज उड़ाना है, “इन्हें तो बस कमाना है।”
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
सपा प्रमुख ने भाजपा को सीधे चुनौती देते हुए कहा, “यूपी के बाकी हवाई अड्डों का क्या हाल है ‘घास हटवाकर’ ये भी तो देख लिया जाए।” यह बयान भाजपा सरकार पर अधूरे और अनुपयोगी परियोजनाओं को बढ़ावा देने का सीधा आरोप था। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि भाजपा सिर्फ बड़े-बड़े निर्माण दिखाती है, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी का अभाव है, जिससे जनता के पैसे की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिखावे की राजनीति है, जिसका ज़मीन पर कोई वास्तविक असर नहीं दिखता।
अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जब किसी पार्टी को अपनी हार स्पष्ट रूप से दिखने लगती है, तो उसके नेता अनाप-शनाप बयान देने लगते हैं और अपने पद की गरिमा भी भूल जाते हैं। सपा नेता ने कहा कि उनके दल के संस्कार में हमेशा से उम्र और पद का सम्मान रहा है और वे इसका पालन करते रहेंगे, भले ही सामने वाले नेता अपने बयानों पर नियंत्रण खो दें। यह राजनीतिक बयानबाजी उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों से पहले सियासी माहौल को और गरमा रही है, जहां विकास और भ्रष्टाचार दोनों ही मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं।
हमारे प्रदेश में मेहमान बनकर आए हैं, हम उनको मेहमान मानकर ही सम्मान सहित विदा करेंगे। जाने वालों की बात का बुरा नहीं माना जाता है। जब हार साक्षात् दिखने लगती है तो इंसान को न अपने पद का मान रहता है, न ही अपने कथन पर नियंत्रण।
उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कार में है और हमेशा… pic.twitter.com/ta0L7EGA19
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 28, 2026





