महराजगंज में आयोजित सामाजिक समरसता महारैली के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने ऐसा बयान दिया जिसने यूपी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। दरअसल उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी तेजी से मजबूत हो रही है और आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। उनका दावा है कि अगर यूपी का विभाजन हुआ तो पूर्वांचल में उनकी पार्टी की मजबूत भूमिका होगी।
दरअसल ओम प्रकाश राजभर ने अपने भाषण में बहुजन आंदोलन के नेता कांशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि आज वे जो कुछ भी कह पा रहे हैं वह उनकी सोच का असर है। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने दलित, पिछड़े और शोषित समाज को जागरूक किया जिसकी वजह से मुलायम सिंह यादव और मायावती जैसे नेता मुख्यमंत्री बन सके। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि सुभासपा भी उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए समाज के हर वर्ग को राजनीतिक हिस्सेदारी दिलाने का काम कर रही है।
सपा-बसपा पर हमला
दरअसल ओम प्रकाश राजभर ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर सीधा हमला बोला है। ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख को 2027 में सत्ता में वापसी का सपना छोड़ देना चाहिए। ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया है कि सपा सरकार के दौरान ही कांशीराम नगर का नाम बदलकर कासगंज कर दिया गया था, जो उनके अनुसार बहुजन विचारधारा के खिलाफ था। वहीं उन्होंने मायावती के कार्यकाल का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय प्रशासन का माहौल अलग था।
महिलाओं, शिक्षा और जनहित के मुद्दों पर भी बोले ओम प्रकाश राजभर
वहीं ओम प्रकाश राजभर ने सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी ही नहीं की दरअसल उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने महिलाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण लागू होने के बाद उनकी भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए खुद आगे आना होगा, तभी समाज में सही बदलाव आएगा। ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई है जिससे गरीबों का इलाज पैसे की कमी के कारण नहीं रुकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 2017 के बाद सरकारी स्कूलों में बच्चों की ड्रेस और किताबों को लेकर सुधार किए गए हैं।






