सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य कर दिया है। अब इस फैसले के बाद शिक्षकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सभी कार्यरत शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करनी होगी। इसी के विरोध में 5 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में दो लाख से अधिक शिक्षक शक्ति प्रदर्शन करेंगे। इस रैली में करीब 1 लाख शिक्षक तो सिर्फ उत्तरप्रदेश के होंगे।
शिक्षक संघ की हुई बैठक
रविवार 9 नवंबर 2025 को राजधानी लखनऊ में यूपी प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य भर के जिलाध्यक्षों और महामंत्रियों की संयुक्त बैठक की। इस बैठक में दिल्ली में आयोजित होने वाली रैली के मुद्दों पर पर गहन मंथन किया गया। जिसके बाद पदाधिकारियों ने आगामी आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
संसद सत्र के बीच शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन
बता दें कि 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक संसद का शीतकालीन सत्र भी चलता है। इस बीच, शिक्षकों का आंदोलन सत्र पर भी असर डाल सकता है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों के लिए अपनी ताकत का एहसास कराने का सही समय होगा। संगठन न्यायालय में लड़ाई लड़ने के साथ ही TET की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए इस महारैली के माध्यम से केंद्र सरकार तथा एनसीईटी से भी मांग करेगा।
14 राज्यों से रैली में पहुंचेंगे शिक्षक
दिल्ली में होने वाली रैली में जाने के लिए ब्लाकवार शिक्षकों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। शिक्षकों को ले जाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। महारैली में संगठन में शामिल देश के 14 राज्यों से भी एक लाख से अधिक शिक्षक दिल्ली पहुंचेंगे।





