कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। ‘The Foundation of Constitution is the Vote, Vote Has Been Destroyed’ विषय पर हुई इस वार्ता में उन्होंने उत्तर प्रदेश का भी जिक्र किया। दावा किया गया कि लखनऊ और वाराणसी की वोटर लिस्ट में दर्ज दो मतदाता आदित्य श्रीवास्तव पुत्र एसपी श्रीवास्तव (EPIC नं. FPP6437040) और विशाल सिंह पुत्र महीपाल सिंह (EPIC नं. INB2722288) वहां मौजूद नहीं हैं।
क्या था आरोप?
राहुल गांधी के मुताबिक, 16 मार्च 2025 को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से निकाले गए आंकड़ों में आदित्य श्रीवास्तव का नाम चार अलग-अलग जगह और विशाल सिंह का नाम तीन अलग-अलग जगह दर्ज था। जिनमें लखनऊ पूर्व और वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र भी शामिल थे।
दावे गलत निकले
हालांकि, चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से की गई जांच में यह दावा गलत पाया गया। गुरुवार को voters.eci.gov.in पर खोज करने पर आदित्य श्रीवास्तव का नाम केवल बेंगलुरु अर्बन की विधानसभा 174 महादेवपुरा, बूथ संख्या 458, क्रम संख्या 1265 में मिला। इसी तरह, विशाल सिंह का नाम सिर्फ बेंगलुरु की विधानसभा 174 महादेवपुरा, बूथ संख्या 513, क्रम संख्या 926 में दर्ज पाया गया।
तथ्यों पर खरे नहीं उतरे
उत्तर प्रदेश की लखनऊ पूर्व (173) और वाराणसी कैंट (390) विधानसभा क्षेत्रों में इन दोनों के नाम दर्ज नहीं मिले। इस तरह यूपी को लेकर राहुल गांधी के आरोप तथ्यों पर खरे नहीं उतरे।





