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ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश को दिलाई 2013 हाईकोर्ट के ‘आतंकवाद’ फैसले की याद, बोले – ‘पुराने फैसलों की सच्चाई सबके सामने’

Written by:Banshika Sharma
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ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए उन्हें 2013 की उस घटना की याद दिलाई है, जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आतंकवादियों पर मुकदमे वापस लेने के मामले में सपा सरकार को फटकार लगाई थी।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर हमलावर नजर आए। दरअसल राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को उनके शासनकाल की एक पुरानी और विवादित घटना याद दिलाई। यह मामला साल 2013 का है, जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में सपा सरकार के फैसले पर सख्त टिप्पणी की थी।

दरअसल ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में समाजवादी पार्टी के गढ़ को ‘आतंकवाद की जड़’ बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, “सुप्रभात अखिलेश जी, कैसे हैं?” इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अखिलेश हमेशा की तरह बेखबर, मस्त और बिना काम के व्यस्त होंगे।

6 जून की तारीख का जिक्र किया

दरअसल राजभर ने आगे 6 जून की तारीख का जिक्र करते हुए कहा कि इसी दिन साल 2013 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक सवाल पूछकर सपा सरकार को “कसकर रगड़ा था।” उन्होंने कहा कि उम्मीद है अखिलेश यादव को यह बात याद होगी। अपने पोस्ट के साथ राजभर ने एक पुरानी खबर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, ताकि सपा प्रमुख को उनके “पुराने फैसले” याद आ सकें। सुभासपा प्रमुख ने आगे कहा कि जब 2027 के चुनाव में हार होगी, तब ईवीएम या दूसरी चीजों को दोष देने का मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि पुराने फैसलों की सच्चाई सबके सामने है। यह बयान सीधे तौर पर उन आरोपों पर जवाब माना जा रहा है, जिनमें सपा अक्सर चुनाव नतीजों को लेकर सवाल उठाती रही है।

सपा समर्थकों पर भी निशाना साधा

इसके साथ ही राजभर ने सपा समर्थकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जो लोग उन्हें गाली देकर संतोष पा रहे हैं, वे भी समझ लें कि जिस परिवार के लिए वे मेहनत कर रहे हैं, उसने पहले क्या फैसले लिए थे। उनकी यह टिप्पणी सीधे सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हमला मानी जा रही है। वहीं राजभर द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में एक खबर दिखाई गई, जिसका शीर्षक था, “आतंकियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के फैसले पर हाईकोर्ट सख्त, अखिलेश सरकार से मांगा जवाब।” यह मामला साल 2007 में हुए लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद बम धमाकों से जुड़ा था। सपा सरकार ने इन मामलों के कुछ आरोपियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला किया था, जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

अदालत ने सरकार से उन आरोपियों की सूची मांगी थी, जिनके खिलाफ मुकदमे वापस लेने की तैयारी थी। इन धमाकों में 16 लोगों की मौत हुई थी और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसी वजह से यह मामला बेहद संवेदनशील माना गया था।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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