अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती को लेकर उठे विवाद के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। बैंक और ट्रस्ट की संयुक्त व्यवस्था में काम कर रहे कई कर्मचारियों को दान गिनती के कार्य से हटाया जा सकता है। उनकी जगह नए गणना कर्मियों को तैनात किया जायेगा ताकि दान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। इस मामले के सामने आने के बाद मंदिर परिसर में दान की गिनती और निगरानी को और ज्यादा सख्त कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ दिनों से चल रही जांच में दान-पात्रों की गिनती, आभूषणों का रिकॉर्ड और कैश हैंडलिंग प्रक्रिया की गहराई से जांच की जा रही है। तीन सदस्यीय SIT टीम ने लगातार 6 दिन तक अयोध्या में रहकर कई अहम दस्तावेज और CCTV फुटेज खंगाले हैं। अब टीम अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने की संभावना है।
100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
SIT जांच में सबसे बड़ा फोकस दान प्रक्रिया की पारदर्शिता और संभावित गड़बड़ी पर है। टीम ने ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों, बैंक कर्मियों, पुजारियों और कैश हैंडलिंग स्टाफ सहित 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है। हर बयान को रिकॉर्ड कर डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा रहा है ताकि जांच में कोई भी तथ्य छूट न जाए।
जांच टीम ने दान गिनती के तरीकों, नोटों की काउंटिंग मशीन, सीलिंग प्रक्रिया और आभूषणों के स्टोरेज सिस्टम की भी जांच की है। इसके अलावा ट्रस्ट द्वारा किए गए निर्माण कार्यों और खरीदारी से जुड़े बिलों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य सिर्फ वित्तीय अनियमितताओं को समझना ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में मौजूद खामियों को दूर करना भी है।
कर्मचारियों पर कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ी
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राम मंदिर प्रशासन ने दान व्यवस्था को लेकर सुरक्षा और निगरानी और कड़ी कर दी है। जिन कर्मचारियों को हटाया जायेगा उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों की अलग से जांच की जा रही है। ट्रस्ट ने साफ किया है कि दान प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते दान में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी। उस समय रोजाना लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे और कुछ ही घंटों में दान पात्र भर जाते थे। इसी दौरान व्यवस्था पर दबाव बढ़ा जिससे गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।






