जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी 23 जून से 6 जुलाई तक ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पखवाड़ा’ का भव्य आयोजन किया जाएगा।
इस राष्ट्रीय अभियान के सुचारू संचालन के लिए एक केंद्रीय संचालन टोली का गठन किया गया है। इस उच्च स्तरीय टोली में मध्य प्रदेश के भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह को भी शामिल किया गया है जो राज्य में आयोजित होने वाले सभी बूथ स्तरीय कार्यक्रमों और व्याख्यानों की सीधे मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि जमीनी स्तर पर इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
इस अभियान के तहत मध्य प्रदेश के सभी बूथों पर ‘बूथ गौरव दिवस’ मनाया जाएगा और विशेष वैचारिक व्याख्यानों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक नगर और शहर में किसी प्रमुख चौराहे, उद्यान अथवा मार्ग का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा और उनकी प्रतिमा या चित्र का अनावरण भी होगा।
इसका मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान और कश्मीर नीति से अवगत कराना है। इसमें जनसंपर्क और संगठनात्मक मजबूती पर विशेष जोर रहेगा। पखवाड़े के दौरान मंडल और जिला स्तर पर विशेष बौद्धिक सत्र और व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से धारा 370 की समाप्ति के ऐतिहासिक सफर पर प्रकाश डाला जाएगा।
इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में डॉ. मुखर्जी के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान, एक केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी कार्यशैली और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में उनके ऐतिहासिक योगदान पर केंद्रित विशेष व्याख्यान दिए जाएंगे।
युवाओं पर भी रहेगा फोकस
युवा पीढ़ी को भाजपा की विचारधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के बाहर छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के अनुसार ये कार्यक्रम शैक्षणिक परिसरों के बाहर होंगे। इस अभियान के लिए प्रदेश स्तर पर एक वरिष्ठ कार्यकर्ता की कमान में 5 सदस्यीय टोली रहेगी। प्रत्येक जिले में 4 सदस्यीय टोली रहेगी। प्रत्येक मंडल स्तर पर 3 सदस्यीय टोली बनाई जाएगी। प्रदेश स्तरीय वर्चुअल बैठक और जिला स्तरीय बैठक होंगी। इसमें सभी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।






